बागपत। निर्भया के दरिंदों को सजा न मौत मिलने के बाद बागपत की बिटिया के परिजनों को भी उम्मीद जग गई है। निर्भया हत्याकांड से एक सप्ताह पहले बागपत की छह वर्षीय बिटिया की निर्मम हत्या कर दी गई थी। परिजन न्याय की बाट जोह रहे हैं। उनकी भी यही मांग और सपना है कि दरिंदे को फांसी की सजा हो।
रमाला क्षेत्र के एक गांव की छह वर्षीय बच्ची बागपत कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में अपने ममेरे भाई की शादी में आई हुई थी। 8 दिसंबर 2012 को पड़ोस का ही युवक उसको सामान दिलाने के बहाने अपने साथ खेत में ले गया था। वहां आरोपी ने दुष्कर्म कर उसकी फांसी लगाकर हत्या कर दी थी। 12 दिसंबर 2012 को उसका खेत में शव मिला था।
ग्रामीणों ने हंगामा कर आरोपी अनिल को पकड़कर धुनाई कर पुलिस को सौंप दिया था। कोतवाली में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। तभी से आरोपी जेल में बंद है। केस एडीजे एफटीसी (प्रथम) कोर्ट में चल रहा है। उस पर पुलिस रासुका की कार्रवाई भी कर चुकी है। परिजनों ने कहा जब तक बिटिया के हत्यारोपी को सजा नहीं मिल जाएगी, तब तक न्याय की लड़ाई जारी रहेगी। उनकी मांग है कि आरोपी को फांसी की सजा हो।