छपरौली (बागपत)। शिक्षकों की लापरवाही का एक ओर बड़ा नमूना देखने को मिला। मुकुंदपुर गांव के प्राथमिक स्कूल संख्या दो में ऑफिस में रखे सिलेंडर से गैस लीक हो गई। इससे स्कूल में मौजूद करीब 25 बच्चों की हालत बिगड़ गई। उल्टियां होने लगी। आसपास के मकानों में मौजूद ग्रामीणों ने बच्चों को स्कूल से निकाला और प्राइवेट डॉक्टर के यहां उपचार कराया। ग्रामीणों ने हंगामा किया। बीएसए योगराज ने स्कूल पहुंचकर मामले की जांच की। एक शिक्षक को सस्पेंड कर दिया है, जबकि एक की वेतन वृद्धि रोकी गई है।
शनिवार को सुबह साढे़ सात बजे तक स्कूल में 25 बच्चे पहुंच गए थे। कमरों के ताले बंद होने पर वह बरामदे में खेलने लगे। इस बीच स्कूल के कार्यालय में रखे सिलेंडर से गैस लीक होने से दूर दूर तक उसकी दुर्गंध इतनी फैल गई। बच्चों को उल्टियां लगने लगी। इस पर बच्चे स्कूल से निकलकर घर की ओर भागने लगे। स्कूली बच्चों की हालत देख आसपास के घरों के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बताया सभी दरवाजों पर ताले लगे थे। स्कूल में शिक्षक तब तक नहीं पहुंचे थे।
इसकी शिकायत डीएम भवानी सिंह और बीएसए योगराज सिंह से की गई। शिकायत मिलते ही बीएसए योगराज सिंह स्कूल में पहुंचे और घटना की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों की लापरवाही स्वीकार की। बीएसए के सामने ही शिक्षक स्कूल का एक-दूसरे को इंचार्ज बताने लगे। बीएसए ने बताया पांच किलो का गैस सिलेंडर ऑफिस में रखा था। यह लापरवाही इस कारण स्कूल इंचार्ज राजेश वर्मा को सस्पेंड कर दिया। एक शिक्षिका की वेतनवृद्धि रोक दी। उधर, ग्रामीणों ने बताया उन्होंने बच्चों का प्राइवेट डॉक्टरों के यहां उपचार कराया और उनके घर भेजा।
सिलेंडर में अगर आग लग जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों का कहना है कि लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई हो।