गांव गढ़ी कलंजरी में हिंडन नदी पर बने पुल के मार्ग के निर्माण का मामला
बंजर भूमि पर पहले से बना था मार्ग, फिर भी दिला दिया नौ करोड़ का मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। गांव गढ़ी कलंजरी में हिंडन नदी पर बने पुल के मार्ग के निर्माण में करीब आठ बीघा सरकारी जमीन के मुआवजे की बंदर बाट करने के मामले की जांच खेकड़ा तहसीलदार यदुवंश कुमार को सौंपी गई है। एसडीएम का कहना है कि अजय कुमार तत्कालीन लेखपाल को भी तलब कर सच्चाई का पता लगाया जाएगा।
बता दें कि गांव गढ़ी कलंजरी में हिंडन नदी पर बने पुल के मार्ग के निर्माण में करीब आठ बीघा सरकारी जमीन के मुआवजे की बंदर बाट करने का आरोप तहसील अधिकारियों और कर्मियों पर लगाया गया है। पूर्व जिलाधिकारी शकुंतला गौतम के आदेश पर टीम बनाकर जांच भी हुई थी। मगर, उनके स्थानांतरण के बाद जांच रिपोर्ट दबा दी गई। आरटीआई कार्यकर्ता सुधीर ने इस मामले की मुख्यमंत्री से शिकायत कर आरोपियों पर कार्रवाई और मुआवजे की रकम की रिकवरी कराने मांग की है। बताया कि गढ़ी कलंजरी गांव में हिंडन नदी पर बने पुल के लिए डैंस सड़क बनाई गई है। यह मार्ग पहले से ही बंजर भूमि खसरा संख्या 342 और 348 पर बना हुआ था, जो नवीन परती व बंजर के नंबर है। यानि मार्ग अब भी बंजर भूमि पर ही बना है। आरोप लगाया कि करीब आठ बीघा इस बंजर भूमि को किसानों के खाते में दिखाकर तहसील के अधिकारियों और कर्मियों ने करीब नौ करोड़ के मुआवजे की बंदर बांट की है।
इस संबंध में एसडीएम अजय कुमार का कहना है कि मामले की जांच तहसीलदार यदुवंश कुमार को सौंपी गई है। संबंधित हल्का लेखपाल को भी जरूरत पड़ने पर तलब किया जाएगा। उससे पूछताछ भी की जाएगी। यदि जांच में किसी भी तरह के घोटाले की पुष्टि होती है, तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।