ग्राम पंचायतों को रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होने के बावजूद महज 61 ने कराया
100 से ज्यादा को नोटिस भेजने के साथ एडीएम को रिपोर्ट भेजी, पेनाल्टी लगेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/बड़ौत। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में खेल करके पकड़े नहीं जाएं। इसलिए बार-बार कहने के बावजूद जीएसटी में पंजीकरण नहीं कराया जा रहा है। इससे राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। अब वाणिज्य कर विभाग ने ऐसी 100 से ज्यादा ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी किए हैं। अब भी रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर इन ग्राम पंचायतों पर पेनाल्टी लगाई जाएगी।
वाणिज्य कर विभाग की धारा 51 के तहत सभी ग्राम पंचायतों को जीएसटी नंबर लेना अनिवार्य है। जिले में 244 गांव हैं, लेकिन अभी तक करीब 61 ग्राम पंचायतों ने जीएसटी नंबर लिया है। इसके तहत दो लाख रुपये से अधिक का भुगतान करने पर टीडीएस काटा जाता है। सामान को जीएसटी के साथ खरीदा जाता है। ग्राम पंचायतों को पांच साल पहले जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना था। इसके बावजूद ऐसा नहीं किया। इससे एक करोड़ रुपये से ज्यादा के राजस्व का नुकसान हो चुका है। अब ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। जिनमें कहा कि मनरेगा, 14वें वित्त व राज्य वित्त के तहत हर साल गांवों में विकास कार्य हो रहे हैं। इसके बावजूद अधिकतर ग्राम पंचायतों ने जीएसटी में पंजीकरण नहीं कराया है।
अब पेनाल्टी भी लगाने की तैयारी
वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर विकास पंवार ने बताया कि एक जुलाई 2017 से सभी ग्राम पंचायतों के लिए जीएसटी नंबर लेना अनिवार्य किया है। इसके बावजूद जीएसटी नंबर नहीं लेने पर नोटिस भेजकर रिपोर्ट एडीएम को भेजी है। यदि नोटिस के बाद भी रजिस्ट्रेशन नहीं कराते हैं तो उन पर पेनाल्टी लगाने का प्रावधान किया जाएगा।
ग्राम पंचायतों को जीएसटी के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर पहले नोटिस जारी किया जाता है। इसके बाद पेनाल्टी लगाने का प्रावधान है। जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराने से सरकार को राजस्व मिलेगा। इसलिए ग्राम पंचायतों को रजिस्ट्रेशन कराना चाह्रिए।-नीरज सेंगर, डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर विभाग