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महंगाई की आग में जल रहे फल, देखने वाला कोई नहीं

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बड़ौत। कोरोना महामारी का सामना कर रहे मध्यमवर्गीय परिवार फलों को भी तरस रहे हैं। कारण है कि बीमारी में उपयोगी फल जैसे कीवी, नारियल और मौसमी के रेट आसमान छू रहे हैं। पानी वाला नारियल 70 रुपये। कीवी साठ रुपये प्रति पीस बिक रही है। मनमाने रेट वसूली करने वालों पर प्रशासन भी कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। मजबूरी का फायदा उठाकर लोगों को ठगा जा रहा है।
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फलों का भी रेट तय करे प्रशासन
- हर्षित जैन का कहना है की फलों के दामों पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रशासन को आगे आना होगा। रेट निर्धारित करके प्रशासन को अपनी वेबसाइट पर डालने चाहिए।
प्रशासन को पहल करनी चाहिए
- रणवीर सिंह का कहना है की नारियल पानी, मौसमी, कीवी यह फल इस महामारी के दौर में रामबाण बताए जा रहे हैं। मौका पाकर फल विक्रेताओं ने भी लोगों के साथ ठगी करने का रास्ता निकाल लिया। कार्रवाई होनी चाहिए।
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ये बोले फल विक्रेता-------
मंहगे आ रहे हैं फल, इसलिए मजबूरी में मंहगे बेचने को विवश
- फल विक्रेता इमरान का कहना है कि मंडी से ही फल महंगे मिल रहे हैं। अपने साधारण मुनाफे के साथ जनता तक पहुंचा रहे हैं। इस समय गुजारा करना बड़ा ही मुश्किल हो रहा है।
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लोग जानबूझकर बढ़ा रहे है रेट
- सामाजिक कार्यकर्ता विनीत मलिक का कहना है की इन चीजों की मांग बढ़ने के कारण लोगों ने जानबूझकर रेट बढ़ा दिए। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
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