बागपत यमुना में लापता हुए शवों की तलाश करते एनडीआरएफ के जवान
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बागपत। बृहस्पतिवार को हुए नाव हादसे में यमुना में डूबी महिला राजेश और किशोरी मोनी का सुराग नहीं लग सका है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम यमुना नदी में तलाश कर रही हैं। दिल्ली की सीमा तक सर्च अभियान चलाया गया। डीएम शकुंतला गौतम ने बताया कि मृतक के परिवारों को चार लाख और अस्पताल में भर्ती हुए लोगों को 43-43 सौ रुपये की आर्थिक सहायता दे दी गई है।
बृहस्पतिवार शाम पांच बजे मोहल्ला देशराज के सामने यमुना नदी में नाव डूब जाने के कारण माता कॉलोनी निवासी किशोरी नसरीन की मौत हो गई थी जबकि देशराज मोहल्ला निवासी महिला राजेश और किशोरी मोनी का अभी तक सुराग नहीं लग सका है। बचाए गए नौ लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को डीएम शकुंतला गौतम, एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव, एडीएम अमित कुमार सिंह, एसडीएम रामनयन, सीओ ओमपाल सिंह यमुना नदी के किनारे पर पहुंचे और राहत कार्यों की जानकारी ली। एहतियात के तौर पर यमुना की ओर जाने वाले रास्तों पर वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। पुलिस तैनात रही। सहायक कमांडेंट श्रीनिवास के नेतृत्व मेें एनडीआरएफ की 16 सदस्यीय टीम और कमांडेंट आशुतोष के नेतृत्व में एसडीआरएफ की 20 सदस्यीय टीम के अलावा स्थानीय गोताखोरों ने दिल्ली की सीमा तक राजेश और मोनी की तलाश की, मगर सुराग नहीं लग सका।
उधर, जिला अस्पताल में भर्ती नौ पीड़ितों को छुट्टी मिल गई है। डीएम शकुंतला गौतम ने बताया कि आपदा राहत कोष से मृतक नसरीन के परिजन को चार लाख और जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए नौ लोगों को 43-43 सौ रुपये की आर्थिक सहायता पीड़ितों के बैंक खाते में दी गई है।
गमगीन माहौल में युवती नसरीन का शव सुपुर्द ए खाक
बागपत। चेयरमैन राजूद्दीन एडवोकेट ने नसरीन के परिवार को पोस्टमार्टम के लिए राजी किया। पोस्टमार्टम के बाद गमगीन माहौल में किशोरी नसरीन को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया है।