वार्डों के लिए यहां 13 आपत्तियां आईं थीं। जिनके निस्तारण के लिए एसडीएम, तहसीलदार व अधिशासी अधिकारियों की कमेटी बनाई गई। इन सभी ने आपत्तियों का निस्तारण करते हुए रिपोर्ट सौंपी कि किसी भी वार्ड का आरक्षण बदलने की जरूरत नहीं है। क्योंकि आपत्तियों में किसी ने कोई ऐसा ठोस कारण नहीं बताया, जिससे वार्डों का आरक्षण बदलने की जरूरत है। इसलिए आपत्तियों का निस्तारण करके शासन को रिपोर्ट भेज दी गई।
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आपत्तियों में एक जैसी बात लिखी
एडीएम प्रतिपाल चौहान के अनुसार अधिकतर लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराने के लिए एक ही बात लिखी थी कि वार्ड का आरक्षण पिछले कई बार से ऐसा ही होता आ रहा है, जैसा इस बार हुआ है। इसके अलावा यह भी तर्क दिया था कि वार्ड में दूसरी जाति के वोटर ज्यादा है, लेकिन वार्ड को किसी अन्य के लिए आरक्षित कर दिया गया या अनारक्षित किया गया। इसलिए ही आरक्षण में किसी तरह का बदलाव नहीं करने की बात कहते हुए रिपोर्ट भेजी गई है।