फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Baghpat News: अफसर न किसान सक्रिय, 40 लाख रुपये मुआवजा अटका

विज्ञापन
विज्ञापन
- यमुना और हिंडन नदी में बाढ़ आने के कारण खराब हो गई थी करीब 2100 किसानों की फसल
विज्ञापन

- शासन से दो करोड़ रुपये का बजट मिलने के बाद 1400 किसानों को भेज दिया गया मुआवजा
- 700 किसानों की के खातों में गड़बड़ी मिली तो मुआवजा अटका, एक महीने बाद भी ठीक नहीं करा सके अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बाढ़ में फसल खराब होने के बाद शासन से मुआवजे के लिए बजट भले ही जारी कर दिया गया हो। लेकिन अधिकारियों व किसानों की उदासीनता के कारण 40 लाख रुपये मुआवजा नहीं बांटा जा रहा है और उसकी प्रक्रिया अटक गई है। करीब 700 किसानों के खातों का मिलान नहीं हो पा रहा है और खातों की गड़बड़ी ठीक कराने में अधिकारी व किसान रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
जुलाई में यमुना और हिंडन नदी में पानी ज्यादा आने पर आसपास के गांवों के खेतों में पहुंचने से फसल डूब गई थी। पानी कई दिन नहीं निकलने से फसल खराब हो गई थी। यमुना खादर के खेतों में फसल पानी के साथ बह गई थी। करीब 50 गांवों में किसानों की फसलों को नुकसान हुआ था। इसके अलावा सुभानपुर में यमुना का तटबंध टूट गया था, जिससे सुभानपुर, सांकरौद, अब्दुलपुर, गढ़ी में ज्यादा नुकसान हुआ था। जहां कई दिन तक तटबंध ठीक नहीं हो सका था और पानी में फसल पूरी तरह से डूब गई थी।
विज्ञापन

किसान तभी से फसलों में नुकसान का सर्वे करके मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। प्रशासन ने सर्वे करके शासन को रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें करीब 2100 किसानों की फसलों में नुकसान मिला था। जिसके लिए दो करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की गई थी। शासन से पैसा मिलने पर 1480 किसानों के खाते में 64 लाख रुपये 25 दिन पहले भेज दिए गए। जबकि करीब 700 किसानों के खातों में गड़बड़ी मिलने के कारण करीब 40 लाख रुपये मुआवजा नहीं भेजा जा सका। इसके बावजूद भी तहसीलों के अधिकारी कोई रुचि खातों का ब्यौरा ठीक करने में नहीं दिखा रहे हैं। किसान खुद भी रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जिससे मुआवजा अभी किसानों के खातों में पहुंचने में काफी समय लग सकता है।
- किसी का खाता संख्या गलत तो आधार कार्ड लिंक नहीं
यहां 700 किसान मिले हैं, जिनके खातों का ब्योरा सही नहीं है। किसी के खाते से आधार कार्ड लिंक नहीं है तो किसी का खाता संख्या सही नहीं है। इसके अलावा भी अन्य समस्याएं है। सभी तहसीलों के अधिकारियों को खातों का ब्यौरा सही करने के निर्देश एडीएम ने दिए थे, लेकिन इसके बाद भी तहसील स्तर पर कोई ध्यान देने को तैयार नहीं है।
विज्ञापन

- किसानों के खातों में फसलों के नुकसान का मुआवजा पहले भेजा गया था। लेकिन करीब 700 किसानों के खातों का मिलान नहीं होने और अन्य समस्या होने के कारण मुआवजा नहीं भेजा जा सका। उनको ठीक कराने के लिए तहसील अधिकारियों को कहा गया है। उनको जल्द ही ठीक होने पर मुआवजा भेज दिया जाएगा। - पंकज वर्मा, एडीएम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें