पौधों की हरियाली पर भारी पड़ गई लापरवाही
बागपत। वन महोत्सव के तहत यहां एक ही दिन में साढ़े दस लाख पौधे लगाने का दावा किया गया। लेकिन उनमें आधे से ज्यादा पौधे सरकारी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के कारण सूख गए। एक सप्ताह पहले लगाए गए इन पौधों में किसी ने एक बार भी पानी डालने की जरूरत नहीं समझी। इनके अलावा कई जगह पौधे रखकर ऐसे ही छोड़ दिए गए हैं और वह भी सूखने लगे हैं।
वन महोत्सव पांच जुलाई को मनाया गया था। इसका शुभारंभ बालैनी के वाल्मीकि मंदिर में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी, नोडल अधिकारी डॉ. सेंथिल पांडियन सी समेत अन्य अधिकारियों व नेताओं ने पौधरोपण करके किया था। इसके साथ ही सभी सरकारी विभागों के अधिकारियों व कर्मियों ने पौधरोपण किया था। अधिकारियों ने दावा किया था कि अभियान के तहत दस लाख 45 हजार 301 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था और यहां पहले ही दिन दस लाख 56 हजार 497 पौधे लगाए गए। लेकिन वे पौधे एक सप्ताह भी हरे नहीं रह सके और लापरवाही के कारण आधा से ज्यादा पौधे सूखने लगे। क्योंकि उनमें अभी तक एक बार भी पानी नहीं डाला गया है।
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इन जगहों पर सूख गए पौधे
बालैनी के वाल्मीकि मंदिर परिसर, मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे के डिवाइडर, पुलिस लाइन, अस्पताल के पार्क, बीएसए कार्यालय के बाहर, मेरठ-बड़ौत मार्ग किनारे, सीएचसी बागपत समेत अन्य जगह लगाए गए पौधे पानी नहीं मिलने की वजह से सूख गए।
इन जगहों पर बिना लगाए फेंक दिए पौधे
नया गांव हमीदाबाद में पौधे लगाने के लिए रख दिए गए जो रखे हुए ही सूख गए। पुलिस लाइन के पास वन विभाग की पौधशाला में हजारों पौधे सूख गए तो बालैनी के वाल्मीकि मंदिर में सैंकड़ों पौधे ले जाकर रख दिए गए। इस तरह से रखे हुए भी पौधे सूख गए।
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वन महोत्सव में सभी विभागों ने अपने लक्ष्य के अनुसार अलग-अलग जगहों पर पौधे लगाए, जिनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी विभागों को दी गई थी। पानी नहीं देने पर पौधे सूखने के मामले में रिपोर्ट बनाकर डीएम को भेजी जाएगी। वन विभाग के क्षेत्र में पौधे सूखे है तो संबंधित अधिकारी व कर्मचारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। - हेमंत कुमार सेठ, जिला वन अधिकारी
बागपत के पुलिस लाइन स्थित निवाड़ा पौधशाला वनरेंज में सूखे पड़े पौधे- फोटो : BAGHPAT