बागपत में नवरात्र पर्व की तैयारियों को लेकर बाजार से दुर्गा प्रतिमा खरीदती महिला श्रद्धालु
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नवरात्र आज से, घरों में स्थापित की गई सांझी
बागपत। जिले में नवरात्र रविवार से शुरू हो जाएंगे। मां भगवती की आराधना की तैयारियां श्रद्धालुओं ने पूरी कर ली हैं। घरों में सांझी मां को स्थापित कर दिया है। नित्य नियत अब नौ दिनों तक उनकी पूजा अर्चना होगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सवा आठ बजे तक प्रतिपदा पूरे दिन रहने से कभी भी कलश की स्थापना कर कर सकते हैं।
शारदीय नवरात्र का आगमन रविवार को होगा। पहले प्रथम दिन मां भगवती के प्रथम स्वरूप माता शैलपुत्री की विधि विधान से आराधना श्रद्धालु करेंगे। ज्योतिषाचार्य नीरज शास्त्री और सोमदत्त शास्त्री ने बताया कि इस बार माता का आगमन हाथी पर हो रहा है जो उत्तम वर्षा का योग रहेगा। सवा आठ बजे प्रतिपदा होने के कारण कभी भी कलश स्थापना कर सकते है। वैसे सही लग्न पर कलश स्थापना करना शुभ रहता है। नौ दिनों से माता का गुणगान घरों से लेकर मंदिरों में होगा। सभी नौ दिन सुख समृद्धिदायक होंगे। कलाश स्थापना के समय जमीन में रेत डालकर जो बोए, उसके ऊपर कलश रखें। कलश के अदंर रोली, चावल, सुपारी, चांदी का सिक्का रखे। कलश के ऊपर सुराही रखे। इसमें साबुत चावल, ऊपर लाल कपड़े में लपेटकर नारियल रखे। माता रानी को चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर स्थापित करें। अखंड ज्योत कलश के पास प्रज्जवलित करें। भैरव को प्रसन्न करने के लिए तेज की ज्योत अग्नि कोण में जलाएं। प्रात: एवं शाम दोनो समय लौंग और कर्पूर का भोग माता रानी को जरूर दें। श्रद्धालुओं ने नवरात्र की सभी तैयारियां पूरी कर ली है। घरों में सांझी माता को स्थापित कर दिया गया है। कहीं श्रद्धालुओं ने घरों में ही आकर्षक और मनमोहक सांझी माता की प्रतिमाएं बनाई तो कोई बाजार से खरीदकर लाया।
खाद्य वस्तुओं के लिए नमूने
नवरात्र के चलते फुड विभाग की ओर से परचून की दुकानों से कुट्टू के आटा, तेल के नमूने लिए। अभिहित अधिकारी चितरंजन ने बताया कि बालैनी और बरनावा स्थित दो दुकान से कुट्टू का आटा, बोपुरा से सरसों के तेल का नमूना लिया। विभाग की ओर से नवरात्रि को देखते हुए अभियान चलाकर खाद्य वस्तुओं के नमूने लिए जा रहे है।