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UP: मोबाइल-पहनावे और गन्ना भुगतान पर नरेश टिकैत के तीखे बयान, खाप फैसलों का किया समर्थन

Thu, 01 Jan 2026 05:25 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत

सार

भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने बागपत में खाप चौधरियों के सामाजिक फैसलों का समर्थन किया। उन्होंने गन्ना भुगतान में देरी को लेकर चीनी मिलों और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

 

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भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बागपत जनपद के दोघट कस्बे में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने समाज में बढ़ती सामाजिक बुराइयों पर चिंता जताई। उन्होंने खाप चौधरियों द्वारा लिए गए सामाजिक फैसलों का समर्थन करते हुए कहा कि 18 साल से कम उम्र के लड़के-लड़कियों के मोबाइल फोन रखने पर नियंत्रण होना चाहिए। इसके साथ ही शॉर्ट कपड़े पहनने और सार्वजनिक स्थानों पर आचरण में संयम बरतने की आवश्यकता बताई।

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सार्वजनिक मर्यादा का पालन जरूरी
नरेश टिकैत ने कहा कि पहनावा अच्छा और मर्यादित होना चाहिए। सार्वजनिक स्थानों पर बैठने, हंसने और बोलने के तरीके में भी सामाजिक मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसले किसी पर दबाव डालने के लिए नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने के लिए जरूरी हैं।

 

गन्ना भुगतान को लेकर मिलों पर गंभीर आरोप
किसान नेता ने गन्ना भुगतान को लेकर सरकार और चीनी मिलों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि किसान मेहनत से गन्ना पैदा कर रहा है, लेकिन चीनी मिलें समय पर भुगतान नहीं कर रही हैं। कई किसानों को अपने ही पैसे के लिए एक साल तक इंतजार करना पड़ रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।


 

बढ़े रेट में भी किसान को नहीं मिला लाभ
नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने गन्ना मूल्य में 30 रुपये की बढ़ोतरी तो की, लेकिन 3 रुपये प्रति क्विंटल ट्रांसपोर्ट भाड़े के नाम पर काट लिए गए। उन्होंने साफ कहा कि ढुलाई का भाड़ा किसानों की जिम्मेदारी नहीं है। इसके बावजूद किसान को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
 
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बातचीत नहीं हुई तो जिम्मेदारी सरकार की
टिकैत ने कहा कि किसान दुखी है, लेकिन धरना-प्रदर्शन से आम जनता को परेशानी होती है। इसके बावजूद यदि सरकार किसानों से बातचीत नहीं करती, तो इसकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की होगी। उन्होंने कहा कि पीड़ित किसान को अपनी आवाज उठाने का पूरा अधिकार है।

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