बागपत। जिले में वायु प्रदूषण बढ़ा तो अफसरों को खेतों की तरफ दौड़ लगानी पड़ी। अफसरों ने कूड़ा जलाने पर नगर पालिका बागपत पर 2500, सिसाना और निवाड़ा गांव पर 1250-1250 हजार रुपये जुर्माना लगाया। इसके अलावा खेतों में पत्ती जलाते हुए दो दो किसानों से ढाई-ढाई हजार रुपये जुर्माना वसूला गया।
देश के प्रदूषित शहरों में बागपत शहर 15वें स्थान पर रहा और जिले का एक्यूआई 360 के पार पहुंच गया था। वायु प्रदूषण में जिले की स्थिति अत्यंत खराब होने पर अधिकारी भी अलर्ट मोड पर आ गए। शनिवार को उन्होंने गांवों में घूमकर खेतों में पत्ती और पराली जलाने वाले किसानों पर शिकंजा कसा तो गांवों में कूड़ा जलाने के मामलों पर भी सख्ती दिखाई। जिला पंचायत राज अधिकारी ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर कलक्ट्रेट के समीप कूड़ा जलाने के मामले में कार्रवाई की वहीं कलक्ट्रेट की आवासीय कालोनी में कूड़ा जलाने के मामले में कार्रवाई की गई है। जिला पंचायत राज अधिकारी अमित त्यागी ने बताया कि जांच के बाद एसडीएम ने नगर पालिका बागपत पर ढाई हजार, सिसाना और निवाड़ा गांव पर 1250-1250 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
डीएम को खेतों में जलती मिली ईंख की पत्ती
प्रदूषण बढ़ने पर शनिवार को डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने गांवों का भ्रमण कर किसानों को जागरुक किया। अधिकारियों की टीम को अकबरपुर ठसका गांव के जंगल और लुहारी गांव के किसान राममेहर के खेत में ईख की पत्तियां जलती मिलीं, जिस पर एसडीएम बड़ौत ने किसान राममेहर पर ढाई हजार रुपये जुर्माना लगाया। इसके अलावा बदरखा गांव के यमुना खादर से वापस लौट रहे डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को किसान उदयवीर खेत में ईख की पत्ती जलाता मिला। डीएम ने नाराजगी जताते हुए किसान पर ढाई हजार रुपये जुर्माना लगाया।
ईदरीशपुर के जंगल में पहुंची राजस्व टीम
दोघट। ईदरीशपुर गांव के जंगल में खेत में ईख की पत्ती जलाने की सूचना पर राजस्व विभाग की टीम जांच करने पहुंची। राजस्व निरीक्षक कृष्णपाल शर्मा, लेखपाल बिजेंद्र सिंह ने बताया कि ईख की पत्ती जलाने की सूचना सेटेलाइट से मिली थी। उन्होंने जांच की तो खेत की जुताई हुई मिली, लेकिन खेत की मेड़ पर पत्ती जलाने की पुष्टि हुई। इसकी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी गई। संवाद
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