मस्जिद के बाहर हंगामे के दौरान पहुंचे पुलिसकर्मियों से होती हाथापाई
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गांव छोड़ने से पहले उन्होंने कुछ नजदीकी लोगों से कहा कि अब यहां रहना मुश्किल है, माहौल भारी हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद से ही मुफ्ती इब्राहिम के घर पर सन्नाटा था और मस्जिद में नमाजियों की संख्या भी घट गई थी।
गांगनौली तिहरा हत्याकांड, बागपत
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इस बीच रालोद सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, बसंत तोमर, कांग्रेस शहर अध्यक्ष राम हरि पंवार, पूर्व पीसीसी सदस्य देवेंद्र चौहान समेत कई राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता गांगनौली पहुंचे। सभी ने पीड़ित मौलाना से मुलाकात कर दुख साझा किया और परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया।
गांगनौली तिहरा हत्याकांड, बागपत
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ग्रामीणों ने नेताओं को बताया कि घटना के बाद से गांव में भय और असहजता का माहौल है। हालांकि पुलिस ने लगातार गश्त बढ़ाई थी और सुरक्षात्मक इंतजाम भी किए थे, लेकिन अब पुलिस बल को मस्जिद से हटा लिया गया है।
गांगनौली तिहरा हत्याकांड, बागपत
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स्थानीय लोगों का कहना है कि मस्जिद में हुई इस वारदात ने गांव की शांति और विश्वास को गहरा आघात पहुंचाया है। कई परिवार अब तक घटना की चर्चा से उबर नहीं पाए हैं। हालांकि धीरे-धीरे माहौल सामान्य हो रहा है, लेकिन लोगों के चेहरों पर अब भी चिंता और असुरक्षा की झलक दिखती है।
गांगनौली तिहरा हत्याकांड, बागपत
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गौरतलब है कि कुछ दिन पहले गांगनौली की बड़ी मस्जिद में मौलाना इब्राहिम के परिवार के तीन सदस्यों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी थी और कई पहलुओं पर पूछताछ चल रही है। अब मुफ्ती इब्राहिम का गांव छोड़ना इस पूरे घटनाक्रम में नया मोड़ माना जा रहा है।