Baghpat News: खेकड़ा में किराना व्यापारी अंकुर जैन की दुकान में आग लगने के बाद ऊपर मौजूद पत्नी स्वाति और बेटी अनन्या की जलकर मौत हो गई। बचाने में अंकुर समेत कई लोग झुलस गए। लोगों ने छत के चार जाल उखाड़े, मगर जान नहीं बच सकीं।
विज्ञापन
1 of 12
आग से झुलसे अंकुर जैन और उनकी पत्नी व बेटी की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
हम यहां फंस गए हैं, नीचे आग लगी है। हम कैसे आएं...हमें बचा लो। स्वाति जैन (38) और उनकी बेटी अनन्या (4) आग लगने के बाद ऊपर मकान में फंस गईं। लोग उनको बचाने के लिए छत से होते हुए गए और चार जाल उखाड़ दिए, मगर सफलता नहीं मिली। सीढ़ियों के दरवाजे पर लगे ताले की चाबी नीचे दुकान में होने के कारण उसे खोला नहीं जा सका। इसके चलते मां-बेटी की मौत हो गई।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 12
घटना के बारे में बताते हुए रो पड़ी पड़ोसी रिया जैन।
- फोटो : अमर उजाला
पड़ोस में रहने वाली रिया जैन ने बताया कि जब दुकान में आग लगी और धुआं निकलने लगा, तभी स्वाति व अनन्या को बचाने के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया। वे आधे घंटे तक चीखती रहीं, उनकी चीख सुनकर ही लोगों के साथ वह भी छत पर पहुंच गईं। तब भी स्वाति चिल्लाकर कह रही थी कि भैया हमें किसी तरह बचा लो, नहीं तो हम मर जाएंगे। इसके कुछ देर बाद आवाज आनी बंद हो गई।
विज्ञापन
3 of 12
दुकान में लगी आग में जलता सामान।
- फोटो : अमर उजाला
पड़ोसी मोहित जैन ने बताया कि उनका बराबर वाली गली में घर है। जिस समय अंकुर जैन की दुकान में आग लगने और सिलिंडर फटने के बारे में पता चला तो दौड़कर वहां पहुंचे। आग इतनी ज्यादा थी कि नीचे से ऊपरी मंजिल पर नहीं जा सके। इसके बाद अपने मकान की छत से जाकर दोनों को ऊपर लगे दरवाजे से बाहर निकालने की योजना बनाई और कई लोगों को लेकर छत पर पहुंच गया। वहां पर दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
4 of 12
दुकान के बाहर एकत्र लोग और छत का वह दरवाजा, जो चाबी न होने के कारण खुल नहीं सका।
- फोटो : अमर उजाला
मोहित ने बताया कि लोहे के जाल के बीच से आवाज लगाकर स्वाति भाभी को बुलाया और उन्हें बेटी के साथ ऊपर आने के लिए कहा। इसके बाद स्वाति अपनी बेटी अनन्या को लेकर ऊपर दरवाजे तक आई। दरवाजे पर ताला लगा हुआ मिला, जिसकी चाबी के बारे में स्वाति ने जानकारी नहीं होने की बात कही। इसके बाद स्वाति चाबी तलाशने की बात कहकर नीचे गई, लेकिन दोबारा उनकी आवाज नहीं आई। उन्होंने ऊपर से कई बार आवाज लगाई, लेकिन जवाब नहीं आया। इस तरह एक ताले में दोनों की जिंदगी फंसकर रह गई।
विज्ञापन
5 of 12
छत के जाल को उखाड़ते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
आग में कूदे अंकुर, लोगों ने बाहर खींचा
अंकुर जैन मकान में फंसी अपनी पत्नी स्वाति और बेटी अनन्या को बचाने के लिए आग में घुस गए, जिन्हें लोगों ने किसी तरह खींचकर बाहर निकाला। सूचना पर आए अग्निशमन कर्मियों ने पांच गाड़ियों को लगाकर दो घंटे में आग बुझाई। उसके बाद भी अंदर धुआं था तो ऑक्सीजन सिलिंडर लगाकर बाहर से सीढ़ी के सहारे वह मकान के अंदर घुसे। तब तक कमरे में स्वाति और अनन्या की झुलसने व दम घुटने से मौत हो चुकी थी। दुकान व मकान में लाखों रुपये का सामान भी जलकर राख हो गया।
विज्ञापन
6 of 12
गमजदा अंकुर के पिता और मां।
- फोटो : अमर उजाला
दुकान में सिलिंडर फटते ही भगदड़ मची, दस से ज्यादा हुए घायल
खेकड़ा कस्बे में पाठशाला मार्ग पर बृहस्पतिवार सुबह व्यापारी अंकुर जैन की दुकान में आग लगी देखकर बचाव के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। जब लोग बचाव में लगे थे, तभी तेज धमाके से गैस सिलिंडर फटा तो आधे शटर के परखच्चे उड़ गए। इससे वहां भगदड़ मच गई और एक-दूसरे के ऊपर गिरने से दबकर 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए। कई बाइकें भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
विज्ञापन
7 of 12
फटा सिलिंडर।
- फोटो : अमर उजाला
भगदड़ में मोहल्ला औरंगाबाद निवासी शहजाद, आशु, अंकित, सोनू, लाइनपार बस्ती निवासी शहजाद, बड़ागांव निवासी विकास, संजय, पांची निवासी संजीव आदि घायल हो गए, जो निजी चिकित्सक के यहां उपचार कराकर घर चले गए। इसके बाद भी लोगों ने हिम्मत नहीं हारी।
लोग दोबारा से वापस आए और वहां बचाव के लिए जुट गए, मगर सिलिंडर फटने के बाद आग काफी भड़क गई थी। हर कोई अपने तरीके से बचाव का प्रयास कर रहा था। धुआं फैलने से लोगों को सांस तक लेने में दिक्कत हुई। उधर, अग्निशमन दल के लोग बचाव कार्य में जुटे रहे, मगर स्वाति व उनकी बेटी अनन्या को बचाया नहीं जा सका।
8 of 12
दुकान से सामान बाहर निकालते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
आधा घंटे बाद पहुंची अग्निशमन की गाड़ियां, रास्ता बंद कर निकाले वाहन
आग लगने की सूचना देने के आधे घंटे बाद अग्निशमन की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। इसके बाद घटनास्थल के बाहर जाम लग गया। पुलिसकर्मियों ने पाठशाला पुलिस चौकी से तांगा स्टैंड तक रास्ता बंद कर दूसरे रास्तों से वाहनों को निकलवाया। इस दौरान पूरे कस्बे में जाम की स्थिति बनी रही। कस्बा निवासी अंकित, विक्रांत आदि ने बताया कि हादसा होते ही पाठशाला चौकी पर सूचना दी गई तो पुलिसकर्मी तुरंत वहां आ गए। इसके बाद आग बुझाने के लिए अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई।
9 of 12
आग से झुलसे लोग।
- फोटो : अमर उजाला
नम आंखों से दी अंतिम विदाई, बाजार बंद कर शोक जताया
पोस्टमार्टम होने के बाद स्वाति जैन और उनकी बेटी अनन्या जैन का शव घर लाया गया। दोनों की अंतिम यात्रा में लोगों की भीड़ उमड़ गई, जहां नम आंखों से दोनों को अंतिम विदाई दी। बेटे श्रेय ने अपनी मां और बहन की चिता को मुखाग्नि दी। घटना पर व्यापारियों ने बाजार बंद कर शोक जताया। इसके चलते बाजार में खरीदारी करने आए लोगों को वापस लौटना पड़ा।
आधा घंटा देरी से पहुंची एंबुलेंस
आग की चपेट में आने से व्यापारी समेत कई लोगों के झुलसने की सूचना एंबुलेंस को दी गई, लेकिन वह भी देरी से पहुंची। विकास, आशु आदि का आरोप है कि सूचना देने के आधा घंटे बाद एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंची, जिसकी वजह से आग से झुलसे घायल तड़पते रहे। इस पर लोगों ने नाराजगी जताई।
11 of 12
रोते बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
प्रत्यक्षदर्शी बोले, भयावह था आग का मंजर
दुकान में आग लगने के बाद गैस सिलिंडर फटने पर हुए धमाके की आवाज एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। लोगों को लगा कि जैसे कोई बम फट गया हो।
मोहल्ला औरंगाबाद निवासी अजय ने बताया कि जिस समय सिलिंडर फटा, उस समय खेकड़ा पाठशाला से बाजार जा रहा था और घटनास्थल से एक किलोमीटर से ज्यादा दूर था। वहां तक हादसे की आवाज सुनाई दी। आग की सूचना मिलने पर सेवानिवृत्त सैनिक सुभाष कश्यप, आशु, अंकित जैन, आशीष कुमार समेत अन्य लोग छतों पर पहुंचकर लोहे के जाल से बाल्टियों से पानी डालने लगे। उन्होंने जाल के रास्ते दोनों को निकालने के लिए रस्सी और चादर मंगवाई तो लोग रस्सी-चादर लेकर दौड़ते हुए नजर आए। इसके अलावा नीचे खड़े लोग किसी तरह आग पर काबू पाकर ऊपर जाने की जुगत में लगे रहे।
वहीं दुकान में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की सूचना मिलने पर ऊर्जा निगम के अफसरों ने बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी। करीब छह घंटे बाद आपूर्ति शुरू हुई। मोहल्ला औरंगाबाद की शकीला, शबनम आदि ने बताया कि उनका मकान पीछे गली में है। आग लगने पर उठा धुंआ उनके मकान में घुस गया, जिससे सांस लेने में परेशानी होने लगी थी। इसके बाद घर से बाहर निकलने पर राहत मिली।