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जिले में आठ सौ से ज्यादा हैंडपंप खराब

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बागपत। पारा चढ़ने के साथ लोगों के सामने पेयजल का संकट गहराने लगा है। पेयजल की सबसे अधिक समस्या ग्रामीण क्षेत्रों में है। हैंडपंप खराब होने ग्रामीण इलाकों में हैंडपंप पर पानी के लिए ग्रामीणों की लाइन लगी रहती है। कुछ गांव के लोग तो ट्यूबवेलों के सहारे पेयजल की व्यवस्था करने के लिए मजबूर है। हालात ये है कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 865 हैंडपंप खराब पड़े है। जिससे ग्रामीणों के सामने पेयजल का संकट गहरा रहा है।
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जिले के छह ब्लॉक में 245 ग्राम पंचायत है। इन ग्राम पंचायतों में 18 हजार दो सौ 51 हैंडपंप है। इनमें से 17 हजार 416 हैंडपंप ही एक्टिव है, जिनसे पेयजल की व्यवस्था कराई जा रही है। 142 हैंडपंप की रिपेरिंग का कार्य किया जा रहा है तथा 131 हैंडपंपों को रिबोर करने का कार्य किया जा रहा है। जिले भर में पिछले काफी समय से 835 हैंडपंप खराब पड़े हुए है। आठ सौ अधिक हैंडपंप खराब होने के कारण चढ़ते हुए पारे ने लोगों के सामने पेयजल की समस्या खड़ी कर दी है। ग्रामीण इलाकों में ग्रामीण एक-एक हैंडपंप के सहारे पेयजल की व्यवस्था कर रहे है तो कहीं-कहीं पर पेयजल की व्यवस्था के लिए ट्यूबवेलों का सहारा लिया जा रहा है।
पेयजल की व्यवस्था के लिए हैंडपंपों को ठीक कराया जा रहा है। पेयजल योजना के तहत कई ग्रामों में टंकी का निर्माण कार्य चल रहा है। पेयजल की व्यवस्था कराने के लिए पाइप लाईनें बिछवाई जा रही है। - कुमार अमरेंद्र, जिला पंचायत राज अधिकारी।
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आंकड़ों में हैंडपंप
ग्राम पंचायत 245
कुल हैंडपंप 18251
एक्टिव हैंडपंप 17416
अंडर रिपेयरिंग हैंडपंप 142
अंडर रिबोर हैंडपंप 131
खराब हैंडपंप 835
नोट- सभी आंकड़े डीपीआरओ कार्यालय से लिए गए है।
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