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जनपद में 600 से ज्यादा लोग हो चुके ठगी का शिकार

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बड़ौत। बागपत जनपद के 600 से ज्यादा लोग बाइक बोट घोटाले के शिकार हो चुके है। सभी लोगों को कम समय मेें अच्छी इनकम का झांसा देकर फंसाया गया था। मगर, अब पीड़ित अपने डूबे हुए रुपयों को निकलवाने को लेकर दर-दर की ठोकरें खा रहे है। सोमवार की रात ईओडब्ल्यू की टीम द्वारा लुहारी गांव से जब्त की गई 13 बाइकों के बाद पीड़ित लोगों को थोड़ी आस जरूर जगी है।
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नोएडा के बहुचर्चित बाइक बोट घोटाले के तार बागपत जनपद से भी जुड़ चुके है। सोमवार की रात ईओडब्ल्यू की टीम द्वारा लुहारी गांव से कपिल कुमार की निशानदेही पर 13 बाइक जब्त की। इस कार्रवाई से एक बार फिर जिले के उन 600 से ज्यादा लोगों में अपनी डूबी रकम दोबारा मिलने की आस जगी है, जिन्होंने अच्छी इनकम के चक्कर में अपनी जमा पूंजी इसमें निवेश की थी। बरवाला गांव के पीड़ित उदयवीर ने बताया कि वह कोताना रोड स्थित 33/11 केवी बिजलीघर पर प्राईवेट लाइनमैन है। बड़ौत मेें सिंचाई विभाग डाक बंगले के पास रहने वाले एक व्यक्ति ने ही 10 बाइक कंपनी में लगाई थी। रिश्तेदारी से कर्ज लेकर कंपनी में 7.50 लाख रुपये लगाए थे। इनमें से कुल 1.50 लाख रुपये ही किस्तों के रूप में वापस आए थे। इसके बाद किस्त बंद हो गई थी। अब खाने के लाले पड़ रहे है।
इसी गांव के सहंसरपाल ने 2.50 लाख रुपये इस कंपनी में लगाए थे। इनके अलावा प्रवीण बड़ौली, धर्मेंद्र निवासी माजरा, महाराज सिंह निवासी सूप, प्रवेंद्र व अशोक निवासी बड़ौत, बिजलीघर पर तैनात एसएसओ सत्यवीर सिंह निवासी बदरखा, गुलशन कुमार, आलोक निवासी आवास विकास, आशू निवासी कोताना, आरिफ मलिक निवासी असारा, देवेंद्र निवासी लंबू, सतेंद्र निवासी ककड़ीपुर, रोहताश निवासी ओमनगर आदि ने भी दो से तीन लाख रुपये बाइक बोट में निवेश किए थे। ये तो चंद नाम है, इनके अलावा जनपद के कई और लोग है, जो इस ठगी का शिकार हो चुके है।
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कोई ठगी का मामला दर्ज नहीं
हैरानी की बात तो यह है कि अभी तक बड़ौत कोतवाली पर किसी ने ठगी का मामला दर्ज नहीं कराया। सोमवार को लुहारी गांव में ईओडब्ल्यू टीम ने 13 बाइक बरामद की तो लोगों ने कोतवाली पर शिकायत करना शुरू कर दिया है।
दो टीमें गठित
बड़ौत। कोतवाल अजय शर्मा ने बताया कि अभी तक किसी ने ठगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। सोमवार की कार्रवाई के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए दो टीमों को इसकी जांच में लगाया गया है।
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