बागपत। मानसून ने दस्तक दे दी है। सालों बाद इस बार समय पर मानसून पहुंचा है। इससे किसान गदगद हैं। कहना है कि समय पर मानसून के कई फायदे होंगे। धान रोपाई कर रहे किसानों की सिंचाई की परेशानी का समाधान होगा। इसके अलावा गन्ने की फसल को समय पर मानसून आने से बार-बार सींचना नहीं पड़ेगा। सबसे बड़ा लाभ भूगर्भ जल की बचत का होगा। संभावना है कि मानसून समय पर आने के साथ ही इस बार देर तक रहेगा, जिस कारण भूगर्भ जल की बचत होगी। जिले का प्रत्येक ब्लॉक डार्क जोन में हैं।
क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक
- कृषि वैज्ञानिक केंद्र खेकड़ा के कृषि वैज्ञानिक डॉ संदीप चौधरी का कहना है कि मानसून समय से आने से फसलों को काफी फायदा होगा। अब धान की फसल की रोपाई का समय चल रहा है। समय पर बरसात होने से फसल बेहतर होगी। उत्पादन बढ़ेगा। बरसात का मौसम धान की फसल के लिए वरदान साबित होगा। गन्ने को लाभ होगा।
क्या कहते हैं किसान
युवा किसान क्लब के अध्यक्ष सुभाष नैन का कहना है कि मानसून समय पर आने से किसानों को फसलों की बार-बार सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। बरसात फसलों के लिए अमृत जैसी होती है। धान की रोपाई करने वाले किसानों का खर्च कम होगा। फसल पर लागत कम होगी तो बचत अधिक होगी।
जून में हुई बरसात के आंकड़े
वर्ष बरसात (एमएम में)
2011 106.68
2012 37.00
2013 112.25
2014 0.00
2015 66.00
2016 11.43
2017 148.59
2018 63.50
2019 2.50
2020 20.00
नोट- सभी आंकड़े कृषि विज्ञान केंद्र से लिए गए है।