बालैनी। डौलचा गांव में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को बंदरों ने 15 से अधिक ग्रामीणों को चेहरे, हाथ और पैर में काटकर घायल कर दिया। ग्रामीणों ने अधिकारियों से बंदरों को पकड़वाने की मांग की है ताकि उन्हें राहत मिल सके।
एक व्यक्ति के चेहरे पर 10 से अधिक टांके आए हैं। डौलचा गांव के आशु ने बताया कि वह घर की छत पर खड़े थे, तभी बंदरों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। उनके चेहरे पर काटने के बाद परिजनों ने उन्हें पिलाना सीएचसी में भर्ती कराया। बंदरों के झुंड ने सोनू, उमेश, शुभम, कालू, निशांत, विजय, चमन, अमन, शिवा, राजबीर, सत्तार, चीनू और राकेश सहित कई अन्य लोगों पर भी हमला किया। किसी के हाथ में तो किसी के पैर में चोट आई। सभी घायलों ने पिलाना और डौला सीएचसी में पहुंचकर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई।
बंदरों के लगातार हमलों से डौलचा गांव के लोग भयभीत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बंदरों के बढ़ते आतंक से गांव में डर का माहौल बना हुआ है। बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर निकलने में भी डर लगता है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बाद भी बंदरों को पकड़वाया नहीं जा रहा है।
ग्रामीणों ने बंदरों को पकड़वाने के लिए अधिकारियों से गुहार लगाई है। मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने इस मामले पर संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि वन विभाग के कर्मियों को भेजकर बंदरों को जल्द पकड़वाया जाएगा।