रटौल। गांवों में कुत्तों व बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। सोमवार को कई गांवों में 20 से अधिक बच्चों व लोगों को काटकर घायल कर दिया। सभी ने रटौल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाए। वहीं लोगों ने इन्हें पकड़वाने की मांग की है।
रटौल, भैड़ापुर, सरफाबाद, नंगलाबड़ी, भागौट आदि गांवों में सोमवार को बंदरों व कुत्तों के काटने से बीस से अधिक बच्चे, महिलाएं व लोग घायल हो गए। रटौल के राजेंद्र, सारिक को कुत्ते ने काटकर घायल कर दिया है। भागौट में अनवी, अलिफ्शा, गौना में साबरा को भी कुत्ते ने काट लिया। इसके अलावा सरफाबाद के मामंचद, नंगलाबड़ी निवासी बीना, रटौल निवासी अरमान, विनयपुर तरुण, सविता के अलावा अंशिका, आसीस, हासिम को बंदर ने काटकर घायल कर दिया। इन सभी ने रटौल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाए। राजेंद्र व लोकेश ने बताया कि रोजाना घर से बाहर निकलने पर कुत्ते हमला कर घायल कर देते हैं। यदि छत पर कोई कपड़े सुखाने के लिए जाता है तो बंदर हमला कर देते हैं। इसके कारण लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने डीएम से शिकायत करते हुए बंदरों व कुत्तों को पकड़वाने की मांग की है।