पंजाब है असली किसान विरोधी और यूपी सरकार किसान समर्थक
कहा कि अखिलेश यादव की सरकार में मंडी में फसल बेचने जाने पर दो प्रतिशत मंडी शुल्क और आधा प्रतिशत डेवलपमेंट चार्ज लिया जाता था। योगी सरकार ने उसे घटाकर चार साल पहले ढाई से केवल डेढ़ प्रतिशत कर दिया। जबकि सब्जियों से मंडी शुल्क खत्म कर दिया गया। कहा कि पंजाब में मंडल में फसल बेचने जाते है तो साढ़े पांच प्रतिशत शुल्क लिया जाता है। अब इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि साढ़े पांच प्रतिशत शुल्क लेने वाला किसान समर्थक नहीं, बल्कि विरोधी है। वहीं, डेढ़ प्रतिशत वाला यूपी किसान विरोधी किस तरह है। वह किसान समर्थक है और यही सोच बदलनी है।
कांग्रेस ने चरण सिंह को प्रधानमंत्री पद से हटाया, भाजपा ने भारत रत्न दिया
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के मसीहा कहे जाने वाले चौधरी चरण सिंह तक को कांग्रेस ने नहीं छोड़ा था। उनको प्रधानमंत्री पद से हटाने के लिए कांग्रेस ने केवल 21 दिन में समर्थन वापस ले लिया था। जबकि भाजपा ने मुख्यमंत्री बनाए और उनको भारत रत्न देकर उनके साथ ही किसानों का सम्मान किया।
किसान की सालाना आय बढ़कर एक लाख रुपये हुई
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश में किस तरह से बदलाव किया है, यह हर किसी को पता है। पहले जब हम आए थे, तब किसान की सालाना आय 45 हजार रुपये थी तो अब एक लाख तक पहुंचा दिया। आज 2275 रुपये प्रति क्विंतल गेहूं खरीद रहे है और फ्री खिलाने की हिम्मत किसी के पास है तो वह मोदी के पास है। पहली बार गन्ने का इतना पेमेंट कराया गया है। बागपत का इस साल का केवल 11 करोड़ रुपये गन्ना भुगतान बकाया है।
गन्ने के साथ दूसरी फसलों की खेती पर जोर दिया
सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि कृषि मंत्री कभी दोबारा चुनाव नहीं जीत सका, लेकिन मैंने काम किया तो मुझे दोबारा जीत मिली। कहा कि देश का 40 फीसदी आदमी आज शुगर का मरीज हो गया है। इसलिए यह सोचना होगा कि गन्ने के साथ दूसरी खेती की तरफ भी रुख करना है। क्योंकि इस तरह हमारे बच्चे आगे भी बीमार होंगे। अनाज के बिना क्या चीनी खाकर जीवन चल सकता है। कहा कि इस क्षेत्र की जियो टैगिंग बासमती की पैदावार के लिए है। कहा कि लैब की जगह किसान के खेत में अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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