संवाद न्यूज एजेंसी
अमीनगर सराय। कस्बे के श्वेतांबर जैन स्थानक में बुधवार को धर्मसभा हुई, जिसमें विख्यात जैन साध्वी आर्यिका पूर्णमति माता ने कहा कि मानव जीवन क्षणभंगुर है और इसे पाकर व्यर्थ खोने वाले वाले महामूर्ख हैं।
उन्होंने कहा कि 84 लाख योनियों में भटकने के बाद बड़ी मुश्किल से मनुष्य जीवन मिलता है। फिर भी नादान मनुष्य इसकी कीमत नहीं समझकर इस संसार की व्यर्थ बातों में फंसकर जीवन को व्यर्थ ही खत्म कर देते हैं। उन्होंने देश की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि चारों तरफ अन्याय, अत्याचार और हिंसा का बोलबाला है। शाकाहारी भोजन हमारे देश की प्राचीन परंपरा एवं सभ्यता रही है, लेकिन आज का मानव अपनी जीभ के स्वाद के लिए पशुओं की हत्या कर उनका मांस का सेवन कर रहा है। इसी कारण चारों ओर वातावरण दूषित हो रहा है। उन्होंने लोगों से जीवन में शाकाहार को अपनाकर सत्य अहिंसा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। इस दौरान जैन समाज के अध्यक्ष विनोद जैन, दिनेश जैन, वीरेंद्र जैन, अमित जैन, संदीप जैन, अनिल जैन, सुशील जैन, वरुण जैन आदि मौजूद रहे।