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पत्नी व तीन मासूम बच्चों के हत्यारोपी को आजीवन कारावास

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बागपत। किरठल गांव में वर्ष 2015 में पत्नी और तीन मासूम बच्चों की हत्या करने के मामले में आरोपी आलमगीर को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला जज महेश चंद शर्मा की कोर्ट ने उस पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने को बाद आलमगीर को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
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डीजीसी सुनील पंवार ने बताया कि आठ अप्रैल 2015 की रात किरठल गांव में सलीमा पत्नी आलमगीर और उसके तीन बच्चों करीना (13 वर्ष), सूफियान (8 वर्ष) और आसमीन (6 वर्ष) की हत्या कर दी गई थी। सलीमा के ससुर दलशेर ने थाने में सूचना दी थी कि उसका पुत्र बुढ़ाना में बस चलाता है। उसकी पुत्रवधू और दो पौत्री और एक पौत्री की किसी ने हत्या कर दी है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाए और जांच में जुट गई। पुलिस ने आलमगीर से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह बुढ़ाना में परिचालक संजय के साथ था। पुलिस ने संजय से पूछा तो उसने बताया कि आलमगीर रात में अपने घर चला गया था। सुबह उसका फोन आया था कि उसकी पत्नी और बच्चों की हत्या हो गई है। यदि पुलिस का फोन आए तो बताना कि मैं तुम्हारे साथ था। पुलिस ने आलमगीर के फोन की लोकेशन निकलवाई तो किरठल गांव में मिली। इस पर पुलिस ने आलमगीर से सख्ती से पूछताछ की तो उसने चारों हत्या करना स्वीकार कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। इस मामले की सुनवाई जिला जज महेश चंद शर्मा की कोर्ट में हुई।
मामले में पक्षद्रोही हो गए चार गवाह
डीजीसी सुनील पंवार ने बताया कि कत्ल की रात आलमगीर को किरठल में देखने वाले उस्मान, रहीसु, अरशद और ग्यासुद्दीन पक्षद्रोही हो गए थे। इन्होंने आलमगीर के पक्ष में बयान दे दिए। मगर, संजय और कोल्ड ड्रिंक बेचने वाला दुकानदार पवन अपने बयानों पर अंत तक कायम रहे।
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हथौड़े से फोड़े थे सिर, दरांती से रेता था गला
पुलिस के मुताबिक आलमगीर को शक था कि पत्नी के उसके पिता यानि अपने ससुर से ही अवैध संबंध थे। यह भी शक था कि करीना, सूफियान और आसमीन उसके नहीं बल्कि उसके पिता के बच्चे हैं। गांव में कुछ लोग यह बात कहकर उसे चिढ़ाते भी थे। इसी के चलते उसने पत्नी और बच्चों को जहरीला पदार्थ डालकर कोल्ड ड्रिंक पिलाई। इसके बाद एक-एक करके हथौड़े से चारों के सिर फोड़े और फिर दरांती से गला रेत दिया। सभी के गलों से जब तक खून की एक-एक बूंद नहीं निकल गई, तब तक वह घर में ही मौजूद रहा। सभी के मरने की पुष्टि होने पर ही फरार हुआ।
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