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लाइसेंस नवीनीकरण लटका, एक महीने से बंद पड़ा जन औषधि केंद्र

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बंद पड़ा प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केन्द्र। - फोटो : BAGHPAT
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- मरीजों को दवाइयों के लिए चुकानी पड़ रही अधिक कीमत
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- जिला अस्पताल के परिसर में स्थापित किया गया था जन औषधि केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। मरीजों को सस्ते दामों पर दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए खोले गए जनऔषधि केंद्रों के लाइसेंस नवीनीकरण नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण जिला अस्पताल के परिसर में स्थिति प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर ताला लटक गया है। लोगों को महंगे दामों पर दवाईयां खरीदनी पड़ रही है। केंद्र शुरू करने का मकसद आमजन को सस्ती और अच्छी दवाईयां उपलब्ध कराना था। मगर, लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नवीनीकरण का कर रहे इंतजार
बागपत। केंद्र संचालक फार्मासिस्ट कपिल कुमार का कहना है कि अनुबंध न होने के कारण 20 अक्तूबर से जनऔषधि केंद्र बंद है। शासन स्तर से केंद्र खोलने के लिए अभी कोई आदेश नहीं मिला है। शासन के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
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50 से 90 फीसदी कम दाम पर मिलती है दवाइयां
बागपत। जन औषधि केंद्र के संचालक फार्मासिस्ट कपिल कुमार का कहना है कि केंद्र पर अधिकांश दवाइयां 50 फीसदी कम दाम में उपलब्ध होती है। कुछ दवाइयां के दाम तो बाजार से 90 फीसदी तक कम है। केंद्र पर सबसे अधिक शुगर, बीपी, हार्ट, थाइराइड व एंटी एनर्जिक दवाइयों की बिक्री होती है।
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रोजाना पहुंच रहे थे 400 मरीज
बागपत। जन औषधि केंद्र पर रोजाना चार सौ मरीज दवाइयां खरीदने पहुंच रहे थे। अब मरीजों को मेडिकल स्टोर से महंगी दवाइयां खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
जन औषधि केंद्र का अनुबंध शासन स्तर पर निर्धारित होता है। अनुबंध का नवीनीकरण होते ही केंद्र का पुन: संचालन शुरू कराया जाएगा। - वैभव बब्बर, ड्रग्स इंस्पेक्टर।
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