तेंदुए के पंजों के निशान दिखाते ग्रामीण।
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निरपुड़ा के बाद अब मौजिजाबाद नांगल गांव के जंगल में तेंदुए व उसके शावक के पंजों के निशान मिले हैं। इससे किसानों में दहशत है। उनका मानना है कि तेंदुआ निरपुड़ा के बाद गांव के जंगल में पहुंच गया है। किसानों ने वन विभाग व एसडीएम बड़ौत को इसकी सूचना दी, लेकिन वन विभाग का कोई अधिकारी अब तक गांव नहीं पहुंचा है।
मौजिजाबाद नांगल गांव निवासी किसान राजेंद्र सिंह ने बताया कि जब वे खेत में काम कर रहे थे, उन्हें वहां तेंदुए व उसके एक शावक के पंजों के निशान दिखाई दिए।
उन्होने मोबाइल फोन पर इसकी सूचना गांव में अपने घर पर दी और आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों को आवाज देकर बुलाया। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत के भाई सुरेंद्र टिकैत समेत काफी संख्या में किसान जंगल में पहुंचे और तेंदुए के पंजों के निशान देखे। निशानों की पुष्टि के बाद भयभीत किसानों ने इसकी सूचना फोन पर वन विभाग बड़ौत व एसडीएम बड़ौत को दी।
इसके बाद किसानों ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि सोमवार को तेंदुआ व उसका शावक नांगल के जंगल में पहुंच गया है। उनके मुताबिक, ये कुछ दिन पूर्व निरपुड़ा गांव में मृत मिले तेंदुए की तलाश में भटक रहे हैं।
इनसे खतरे के बावजूद वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। प्रदर्शन में राजेंद्र सिंह, ब्रह्म सिंह, गुड्डू, विक्रम पंवार, कृष्णपाल मुखिया शामिल रहे।