केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में बुधवार को अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज प्रभावित होने से लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। पूरे जिले की बैंकिंग व्यवस्था बाधित रही। बैंकों की हड़ताल से 15 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ।
रोडवेज कर्मियों की हड़ताल से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस हड़ताल से जिले में करीब 20 करोड़ रुपये का नुकसान बताया जा रहा है।
ट्रेड यूनियनों की हड़ताल से पूरा जिला ही प्रभावित रहा है। बैैंकों में कर्मचारी वर्ग की हड़ताल होने के कारण लेनदेन का काम नहीं हो सका, जिससे लोगों को परेशान का सामना करना पड़ा।
क्लीयरिंग में भी चेक नहीं पहुंच सके। रोडवेज कर्मियों ने भी सुबह से बसों को डिपो में खड़ा कर दिया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रोडवेज यात्रियों को डग्गामार का सहारा लेना पड़ा। जिले से बाहर जाने वालों को अपना निर्धारित कार्यक्रम बदलना ही पड़ा।
मार्गों पर डग्गामार वाहनों की संख्या भी बुधवार को काफी कम रही। नतीजतन यात्रियों को इनकी छतों और खिड़कियों पर लटकर कर सफर करने के लिए विवश होना पड़ा। दोपहर तीन बजे रोडवेज कर्मियों ने हड़ताल समाप्त कर बसों का संचालन शुरू कर दिया। मगर तब तक रोडवेज को 11 लाख रुपये का नुकसान हो चुका था।
एआरएम बड़ौत सीपी कमल ने बताया कि बुधवार को रोडवेज कर्मियों की हड़ताल से बड़ौत डिपो को लगभग 11 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक यतीश कुमार गोयल ने बताया कि पूरे जिले के 132 शाखाओं में काम पूरी तरह ठप रहा, जिससे लगभग 15 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
बस का संचालन किया, लोगों को मिलेगी राहत
बालैनी। बुधवार को क्षेत्र के लोगों को परिवहन सुविधा देने के लिए डौलचा-घटौली-मुकारी-कैहरका मार्ग पर बस का संचालन किया गया। बस का संचालन समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष डाक्टर एसपी यादव व एआरटीओ एसबी पांडे ने हरी झंडी दिखाकर किया।
इस मौके पर डाक्टर एसपी यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी लोगों की समस्याओं और जरूरतों को ध्यान में रखकर कार्य करती है। एआरटीओ एसपी पांडे बताया कि मार्ग पर लोगों को राहत देने के लिए दो बसों का संचालन शुरू किया गया है। बृहस्पतिवार को बस के संचालन का समय निर्धारित किया जाएगा।
इस मौके पर पार्टी के युवा जिलाध्यक्ष डॉ. तरुणदेव यादव, सलीम त्यागी, मदन गुर्जर, बबलू, रणपाल, देवदत्त आदि मौजूद रहे।
हड़ताल से मुसाफिरों की मुसीबत
बड़ौत। रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी बिल और केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में बुधवार को यूपी रोडवेज इंपलाइज यूनियन, रोडवेज कर्मचारी संघ, श्रमिक समाज कल्याण संघ व सेंट्रल रीजनल वर्कशाप कर्मचारी संघ के कर्मचारियों ने एक दिवसीय हड़ताल रखी।
रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी बसों को बड़ौत डिपो में खड़ा कर दिया, जिससे यातायात सेवा ठप हो गई। यातायात सेवा ठप होने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मजबूरन यात्रियों को ट्रेनों और डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
बुधवार को बड़ौत डिपो पर यूपी रोडवेज इंपलाइज यूनियन के शाखा अध्यक्ष रविंद्र सिंह व शाखा मंत्री सुभाष चंद शर्मा के नेतृत्व में काफी संख्या में कर्मचारी एकत्र हुए और धरने पर बैठ गए।
इस अवसर पर शाखा अध्यक्ष रविंद्र, वीरपाल, सोम सिंह, विक्रम, विनोद, राजपाल, कृष्णपाल, सुहैल, हरिचंद, राजीव, रामवीर, प्रमोद, जयवीर, नरेश, राजेंद्र पंवार, श्रीनिवास, अनिल, संजू कुमार, सुनील पंडित, जयवीर प्रधान, जसवीर आदि शामिल रहे।
डग्गामार वाहनों की रही चांदी
बड़ौत। विभिन्न मांगों को लेकर रोडवेज की एक दिवसीय हड़ताल के चलते डग्गामार वाहनों की चांदी रही। यात्रियों से डग्गामार वाहन चालकों ने चार गुणा किराया वसूला। यात्रियों को डग्गामार वाहनों की छतों और बाहर लटक कर जाना पड़ा।
ट्रेनों में रही खचाखच भीड़
बड़ौत। विभिन्न मांगों को लेकर रोडवेज की एक दिवसीय हड़ताल के चलते बुधवार को दिल्ली-सहारनपुर रेल मार्ग पर चलने वाली ट्रेनों में सुबह से शाम तक खचाखच भीड़ देखने को मिली।
यात्रियों की संख्या को देख स्टेशन, ट्रेनों के अंदर जीआरपी व रेलवे पुलिस को तैनात किया गया। यात्रियों को भी भारी भीड़ के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ा।
डिपो को लगी दस लाख की चपत
बड़ौत। रोडवेज की एक दिवसीय हड़ताल के चलते विभाग को एक दिन में करीबन 10 लाख रुपयों की चपत लगी है। एआरएम सीपी कमल का कहना था कि बसों का पहिया न चलने से विभाग को 10 लाख रुपयों की राजस्व वसूली का नुकसान हुआ है।