सांकरौद प्रकरण में विदेशी संगठनों की ओर से चलाई जा रही मुहिम के बीच मेरठ के दो एनजीओ ने भी गांव का दौरा किया। दोनों संगठनों से जुड़ी महिला निदेशकाें ने गांव पहुंचकर कहा कि इस प्रकरण की सच्चाई सबके सामने आना जरूरी है।
इससे दुनिया भर में देश की छवि को नुकसान पहुंच रहा है और भारतीय महिला शक्ति के सम्मान को भी ठेस पहुंची है। खास बात यह रही कि गांव के दौरे के बाद दोनों ने कहा कि ग्रामीणों ने किसी खाप पंचायत के होने से इनकार किया। मेरठ लौैटकर उन्होंने डीआईजी रमित शर्मा से मुलाकात करके स्थिति से अवगत कराया।
जनहित फाउंडेशन की डायरेक्टर अनीता राणा एवं नवज्योति वेलफेयर सोसाइटी की सचिव संगीता श्रीवास्तव गांव में पहुंचीं। उन्होंने गांव की महिलाओं एवं अन्य लोगों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि गांव में कोई पंचायत नहीं हुई है। बेवजह तूल दिया गया है।
उनकी युवती और युवक दोनों के परिजनों से बात हुई, लेकिन कोई भी यह नहीं बता पाया कि पंचायत किसने की, कहां की। उनका कहना है कि हो सकता है कि युवक पक्ष के लोगों ने सिर्फ अपनी सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट में रिट दायर की हो।
अनिता राणा ने कहा कि सोशल मीडिया पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस मामले को उठाया जा रहा है हालांकि उन बातों में सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की छवि बिगाड़ने की मुहिम का सोशल मीडिया पर भी विरोध किया जाएगा। जब गांव के लोग ही पंचायत न होने की बात कह रहे हैं तो फिर दुनिया भर में इस संबंध में सहानुभूति पैदा करने का कोई मतलब नहीं हैं।
अनीता राणा और संगीता श्रीवास्तव ने डीआईजी को अपने दौरे के बारे में अवगत कराते हुए कहा कि पुलिस परिवार की उचित सुरक्षा दे और माहौल को सामान्य बनाने के लिए लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा करे। डीआईजी रमित शर्मा ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार इस प्रकरण में उचित कार्रवाई की जा रही है।