कोरोना संक्रमण काल में राशन कार्ड धारकों को नि:शुल्क बांटे जा रहे चावल की अवैध तरीके से बिक्री का खेल चल रहा है। अमीनगर सराय में पकड़े गए 327.25 क्विंटल चावल को मेरठ और बागपत से खरीदा । अमीनगर सराय में चावल को ठिकाने लगा, लेकिन इसी बीच आपूर्ति विभाग और पुलिस का छापा पड़ गया। पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
बड़ौत के पूर्ति निरीक्षक अमरेश भटनागर ने बताया कि सोमवार को अमीनगर सराय में 327.25 क्विंटल सरकारी चावल पकड़ा। जांच में औसिक्का निवासी ट्रक चालक सलीम पुत्र अब्दुल रहमान, मेरठ के कलीना निवासी उपेंद्र, बड़ौत निवासी सोनू, गुराना निवासी अखिल कुमार और मेरठ निवासी पिंकी चिन्योटी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 56 में मुकदमा दर्ज कराया।
अभी तक की जांच में सामने आया है कि कोविड 19 में राशन कार्ड धारकों को नि:शुल्क वितरण के लिए जो चावल लाया जाता है, उसकी अवैध तरीके से आरोपी खरीद करते हैं। इसके बाद इस चावल को बाजार में बेच देते हैं। पूर्ति विभाग की ओर से मुकदमा दर्ज कराते ही पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
गोदाम में रखवाए, इस तरह हुई पहचान
जिला आपूर्ति अधिकारी अभय प्रताप ने बताया कि सभी बोरे सरकारी लाल और नीली सिलाई से सिले हैं। औसत वजन 50.26 किलोग्राम आता है, जिससे चावल के सरकारी होने की पुष्टि हुई है। फिलहाल चावल को अमीनगर सराय के गोदाम में रखवा दिया गया है।
जल्दबाजी में अपने ही जाल में फंसी पुलिस
सरकारी चावल पकड़े जाने के बाद पुलिस ने दावा किया कि चावल को बड़ौत के सरकारी गोदाम से चोरी किया गया है। इस पर पुलिस ने प्रकरण का खुलासा भी कर दिया। लेकिन पूर्ति विभाग और एसडीएम की जांच में सामने आया कि बड़ौत गोदाम में चावल का स्टॉक पूरा है।
पुलिस ने जल्दबाजी के चक्कर में चावल को बड़ौत से चोरी दिखाया। जिला पूर्ति अधिकारी अभय प्रताप का कहना है कि यह पुलिस जांच करेगी कि चावल को मेरठ और बागपत में कहां से खरीदा गया था।