- सभी ब्लॉक के जिन दो गांवों में सबसे ज्यादा बजट खर्च हुआ, उनकी संयुक्त आयुक्त जांच करेंगे
- 16 सितंबर को बड़ौत व 29 सितंबर को पिलाना ब्लॉक के गांवों की जांच कराई जाएगी
अंकित चौहान
बागपत। गांवों में विकास कार्यों में घपला करने वाले अब बच नहीं सकेंगे, क्योंकि अब संयुक्त विकास आयुक्त विकास के नाम पर खर्च किए गए बजट की जांच करेंगे। जिले के सभी ब्लॉक के जिन दो गांवों में सबसे ज्यादा बजट खर्च हुआ है, सबसे पहले वहां के विकास कार्यों की जांच करने के लिए मेरठ से संयुक्त विकास आयुक्त आएंगे। 16 सितंबर को बड़ौत व 29 सितंबर को पिलाना ब्लॉक के गांवों की जांच कराई जाएगी
जिले के अधिकतर गांवों में विकास कार्यों में खूब घपले किए गए है। इनकी अभी तक जिले के अधिकारी ही जांच कर रहे थे। अधिकारियों ने जांच करके दोषी मिलने वाले ग्राम सचिवों व प्रधानों को रिकवरी के लिए नोटिस भेजे हुए है। इसके अलावा शुरूआती जांच में घपले सामने आने पर ग्राम सचिवों को कार्रवाई की चेतावनी देते हुए नोटिस दिए गए है। इस तरह लगातार घपले सामने आने पर ग्राम सचिवों ने खुद को फंसता देखकर कुछ अधिकारियों का विरोध भी शुरू कर दिया है। मगर, अब मेरठ से यहां आकर संयुक्त विकास आयुक्त डा. राजकुमार गौतम गांवों में विकास कार्यों की जांच करेंगे और उनके सामने ही विकास कार्यों की पोल खुलेगी। इसमें सबसे पहले 16 सितंबर को बड़ौत ब्लॉक के उन दो गांवों के विकास कार्यों की जांच की जाएगी, जिनमें सबसे ज्यादा बजट खर्च किया गया है। इसके बाद 29 सितंबर को पिलाना ब्लॉक के ऐसे ही दो गांवों में विकास कार्यों की जांच करने के लिए संयुक्त विकास आयुक्त आएंगे। इसके लिए पत्र भी यहां भेज दिया गया है।
हैंडपंप रिबोर घोटाले की जांच भी मेरठ के अधिकारी करेंगे
गांवों में कराए गए केवल विकास कार्यों की जांच ही मेरठ के अधिकारियों को नहीं सौंपी गई है। बल्कि हैंडपंप रिबोर के घोटाले की जांच भी मेरठ के अधिकारी करेंगे। मेरठ मंडल की मंडलीय टीएसी के प्राविधिक परीक्षक एसपी वर्मा को हैंडपंप रिबोर घोटाले की जांच सौंपी गई है। इस तरह से जिले के गांवों में कराए गए कार्यों की जांच धीरे-धीरे मेरठ के अधिकारियों से कराई जा रही है। इसके लिए भी पत्र जिले के अधिकारियों को भेज दिया गया है।