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करोड़ों की ठगी: सर्राफा बाजार के व्यापारियों को नुकसान, वर्षों से काम कर रहे कारीगर सोना-चांदी-नकदी लेकर फरार

Tue, 05 May 2026 11:23 AM IST
Dimple Sirohi मुकेश पंवार, संवाद न्यूज एजेंसी, बड़ौत

सार

बागपत के बड़ौत सर्राफा बाजार में बड़ा धोखाधड़ी मामला सामने आया है। वर्षों से भरोसे पर काम कर रहे कारीगर सोना-चांदी और नकदी लेकर फरार हो गए। कई जनपदों के करीब 20 व्यापारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।

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कारीगर सोना लेकर फरार - फोटो : Freepik
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विस्तार
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सर्राफा बाजार, जहां वर्षों से कारोबार आपसी भरोसे और पहचान पर टिका था, वहीं उसी भरोसे को हथियार बनाकर बंगाली कारीगरों ने बड़ा खेल कर दिया।

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बड़ौत और बागपत ही नहीं, बल्कि कांधला जनपद शामली के सिद्धार्थ जैन, विकास जैन समेत मुजफ्फरनगर के पंकज और मेरठ के राजीव जैन जैसे कई आभूषण विक्रेताओं को भरोसे के चक्कर में बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।

वेस्ट यूपी के सर्राफा कारोबार के नेटवर्क में काम कर रहे बंगाली कारीगरों में मोहम्मद आयुष शेख और मोहम्मद मिनहाज शेख ने करीब 20 वर्षों में बनी साख को एक ही रात में तोड़ते हुए ने 20 सर्राफा व्यापारियों के यहां से सोना-चाँदी व नकदी समेटकर वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद दोनों अपने किराये के मकानों पर ताले लगाकर, मोबाइल फोन बंद कर परिवार समेत फरार हो गए।

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सर्राफा एसोसिएशन बड़ौत के अध्यक्ष आलोक जैन और सौरभ जैन के अनुसार आभूषण निर्माण और मरम्मत का काम लंबे समय से बंगाली कारीगरों के माध्यम से कराया जाता रहा है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में बड़ौत में दो-तीन बंगाली कारीगर आकर बसे थे, जिन्होंने धीरे-धीरे अपने परिचितों और रिश्तेदारों को भी यहां बुला लिया। समय के साथ यह संख्या बढ़कर करीब 25 से 30 तक पहुंच गई और बाजार में इनकी मजबूत पकड़ बन गई। 

संपर्क की शुरुआत हाजी कुतबुदीन शेख मालदा, पश्चिम बंगाल हाल निवासी गांधी चौक बड़ौत और मोहम्मद जाहिदुल शेख मालदा, पश्चिम बंगाल हाल निवासी धोबीपाड़ा बड़ौत से हुई। इन्हीं के जरिए आयुष शेख और मिनहाज शेख को रिश्तेदार बताकर बाजार में स्थापित किया गया। धीरे-धीरे इनकी पहुंच एक व्यापारी से दूसरे और दूसरे से तीसरे व्यापारी तक बनती चली गई और बिना किसी संदेह के लाखों रुपये का सोना-चांदी इनके पास काम के लिए जाने लगा। 

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वर्षों तक सब कुछ सामान्य चलता रहा, जिससे बाजार में इनकी विश्वसनीयता और मजबूत हो गई। लेकिन इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए इन कारीगरों ने सुनियोजित तरीके से बड़ौत, बागपत के अलावा कांधला, मेरठ, मुजफ्फरनगर समेत अन्य जगहों के अलग-अलग व्यापारियों से लिया गया सोना-चांदी और नकदी एक ही रात में समेट ली। चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के बाद अन्य बंगाली कारीगर भी अपने किराये के मकानों पर ताला लगाकर और फोन बंद कर परिवार समेत फरार हो गए हैं। 

कांधला के व्यापारियों ने कराया मुकदमा,अन्य भी तैयारी में
 कांधला के सर्राफा व्यापारियों में सिद्धार्थ जैन और विकास जैन ने धोखाधड़ी के मामले में बड़ौत कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं मुजफ्फरनगर पंकज जैन और मेरठ राजीव जैन के अलावा अन्य व्यापारी भी अपने-अपने क्षेत्रों में मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल के कारीगरों से दूरी बनाने लगे सराफ
 घटना के बाद सर्राफा व्यापारियों में डर और अविश्वास का माहौल है। अब अधिकांश व्यापारी पश्चिम बंगाल के अन्य कारीगरों से दूरी बनाने लगे हैं। उनका कहना है कि बिना पुख्ता सत्यापन और पहचान के अब किसी नए कारीगर को काम नहीं दिया जाएगा। वर्षों से चला आ रहा भरोसा टूटने के बाद उसे दोबारा कायम करना आसान नहीं होगा।

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ये बोले सर्राफा व्यापारी 
बड़ौत के सर्राफा व्यापारियों के माध्यम से बंगाली कारीगर से पहचान हुई। जिसके बाद वे काफी समय से हमारे यहां से सोने-चांदी के जेवरात के आभूषण निर्माण का काम लेने लगे। इसी भरोसे के आधार पर माल दिया जाता रहा, लेकिन इस घटना ने भरोसा और विश्वास तोड़ दिया है। विवेक जैन, कांधला

लंबे समय से संपर्क में थे और कभी शक नहीं हुआ। कई बार लाखों का सोना मरम्मत के लिए दिया गया। अब भरोसा करना भी चुनौती बन गया है। -राजीव जैन, मेरठ

उनकी पहचान बाजार में मजबूत थी, इसलिए काम दिया गया। लेकिन अब साफ है कि सत्यापन और निगरानी को और सख्त करना जरूरी है।- सिद्धार्थ जैन, बड़ौत
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