बूढ़पुर गांव मेें अश्वनी हत्याकांड के फर्जी खुलासे के विरोध में शनिवार को ग्रामीणों ने रमाला थाने पर प्रदर्शन कर दिल्ली-सहारनपुर हाईवे अवरुद्ध कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। हंगामा बढ़ता देख सूचना मिलने पर कई थानों की फोर्स वहां पर पहुंच गई। बाद मेें इस मामले की जांच सीओ बड़ौत को सौंपे जाने व हत्या का सही खुलासा करने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
दस नवंबर 2016 में बूढ़पुर गांव के अश्वनी उर्फ काला पुत्र राजकुमार की उसीके खेत मेें गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले मेें उसके चाचा विनोद पुत्र बलबीर ने अज्ञात में मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने शुक्रवार की सुबह फोन कर विनोद को रमाला थाने बुलाया।
पुलिस ने तुरत-फुरत मेें लिखापढ़ी कर अश्वनी की हत्या का खुलासा करते हुए विनोद को ही आरोपी बनाकर कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराकर उस पर तमंचा लगाकर जेल भेज दिया। इसी को लेेकर शनिवार को काफी संख्या में ग्रामीण रमाला थाने पहुंचे और थाने का घेराव व प्रदर्शन कर पुलिस के खिलाफ आक्रोश जताया। ग्रामीणों ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे मार्ग भी अवरुद्ध कर दिया।
इस दौरान पुलिस से प्रदर्शनकारियों की तीखी नोकझोंक हुई। सूचना पर सीओ बड़ौत कर्मवीर सिंह, सीओ रमाला अजय शर्मा, बड़ौत थाना प्रभारी व अन्य कई थानों का पुलिस बल वहां पर पहुंचा। एक घंटे बाद इस प्रकरण की पूरी जांच सीओ बड़ौत कर्मवीर सिंह को सौंपे जाने व उसके द्वारा यह आश्वासन दिए जाने की इस मामले की सही जांच की जाएगी।
इस पर लोग शांत हो गए और बाद में यह चेतावनी देते हुए चले गए कि यदि जांच कर सही खुलासा नहीं हुआ तो वे फिर आंदोलन शुरू कर देंगे। प्रदर्शनकारियों में विकास प्रधान बूढ़पुर, राजकुमार, बिजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, बादल, सहदेव, सुभाष, जगमेहर, रोहताश, संजीव, सत्य ब्रह्म, जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह तोमर, प्रदीप, सत्यपाल, वेदप्रकाश, राजवीर सिंह, रणवीर सिंह, वनराज, प्रवीण, चरण, विनित, मोनू शामिल रहे।