- पहले कोरोना और फिर किसान आंदोलन से व्यापार प्रभावित
- लोहे के दाम सस्ते हो जाने से उद्यमियों को मिलेगा लाभ, किसानों को राहत
अमर उजाला ब्यूरो
बड़ौत (बागपत)। पहले कोरोना संक्रमण काल और इसके बाद किसान आंदोलन के कारण नुकसान झेल रहे रिम-धुरा उद्योग को बजट से राहत की उम्मीद बंध गई है। लोहा सस्ता होने से उद्यमियों को लाभ मिलेगा, जिससे किसानों को भी राहत मिलेगी।
बड़ौत में रिम-धुरा उद्योग संचालक ललित जैन का कहना है कि उद्योग मंदी की कगार पर है। लोहे के दाम आसमान छू रहे थे, दूसरी तरफ किसानों का धरना चल रहा है, इसका असर भी व्यापार पर पड़ा है। बजट में लोहे के रेट कम होने से व्यापार पटरी पर आने की संभावना जग गई है।
उद्यमी अमरचंद जैन का कहना है कि उद्योग की स्थिति बेहतर नहीं है। बड़े पैकेज की जरूरत थी, लेकिन नहीं मिला। लोहे के दाम बढ़ने से बाजार में काम नहीं है, देखने वाली बात यह होगी कि दाम कितने कम होते हैं। दाम कम हुए तो उद्योग को राहत मिलेगी।
उद्यमी कपिल पंवार ने कहा कि लोहे व स्टील के दाम घटने से व्यापार को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी। उद्यमियों पर और अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए था। सरकार को ध्यान देना चाहिए। रिम धुरा उद्योग को एक जिला एक उत्पाद में शामिल करना चाहिए।
बड़ौत में सौ से ज्यादा फैक्टरियां
बड़ौत नगर में 110 के करीब रिम-धूरे की फैक्टरियां है। कोरोना संक्रमण के कारण करीब सात माह फैक्टरियां बंद रही। इस दौरान कारोबार पूरी तरह थम गया था। किसान आंदोलन से भी कारोबार प्रभावित हुआ है।
ये बोले व्यापारी----
बड़ौत। ऑल इंडिया उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शरद जैन ने कहा कि बजट से छोटे व्यापारियों को राहत नहीं मिली है। कोरोना वायरस के चलते व्यापारी परेशान है। सरकार को चाहिए था व्यापारियों के लोन में ब्याज में छूट करें एवं कोरोना महामारी में जो उनकी लोन की किस्त टूट गई हैं उन पर ब्याज माफ करें।
बड़ौत। पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश संगठन मंत्री नवीन जैन बब्बल ने कहा कि इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं। तेल डीजल के रेट में कोई कटौती नहीं। गैस सिलेंडर का रेट नहीं घटाया गया। कहा कि पेट्रोल-डीजल का रेट बढने से हर वस्तु महंगी होगी। व्यापारी हित में बजट में कोई भी चीज नहीं दी गई।