छात्र जीवन पर सबसे अधिक असर शिक्षक का पड़ता है। शिक्षण के दौरान छात्र के लिए उसका शिक्षक प्रेरक और मार्गदर्शक होते हैं। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह कहते हैं तीन शिक्षकों का उनके जीवन पर असर रहा, इनकी बदौलत वह आज इस पद तक पहुंच सकें।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने संस्मरण सुनाते हुए कहा कि जब वह कक्षा दो में थे, जब प्राइमरी स्कूल के हेडमास्टर सुखबीर सिंह ने 40 तक पहाड़े याद करने का लक्ष्य दिया। कई दिन तक कोई बच्चा पहाड़े नहीं सुनाया, लेकिन उन्होंने 45 तक पहाड़े सुना दिए। हेडमास्टर ने स्कूल के हर छात्र को उनकी टांग के नीचे से निकाला और यह कहा जीवन में मेहनत करो और आगे बढ़ो।
वह बात आज भी याद है। जूनियर हाईस्कूल बरवाला में शिक्षक कलीराम शास्त्री ने संस्कृत भाषा का ज्ञान दिया। जेवी कॉलेज बड़ौत के शिक्षक डॉ. बिजेंद्र सिंह ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
राज्य शिक्षक पुरस्कार से नवाजे जाने वाले प्रधानाचार्य कृष्णपाल सिंह तंवर कहते हैं शिक्षक के बिना जीवन में उजियारा नहीं हो सकता है। वह कहते हैं छात्र जीवन में उनके लिए प्रेरणा एमएम इंटर कॉलेज खेकड़ा के शिक्षक रामेश्वर भारद्वाज रहे।
एसडीएम बागपत विवेक कुमार यादव बताते हैं कि उनके भाई संतोष यादव और संदीप यादव उनके लिए गुरु की तरह रहे। इंटर कॉलेज में शिक्षक विनोद कुमार ने बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया। शिक्षक दीपेश कुमार ने सिखाया था कि किसी भी मुसीबत से घबराना नहीं, सही रास्ते कभी गलत नहीं होते।