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संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। कृषि विज्ञान केंद्र में चल रहे कृषि सखियों के प्रशिक्षण शिविर में बुधवार को वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक खेती कर लाभ उठाने के बारे में बताया।
वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक ने कहा कि किसानों काे रसायन मुक्त खेती करनी चाहिए। जैविक और देसी तरीके से फसलों को उगाएं। प्राकृतिक खेती से उगने वाले गेहूं, सब्जी, गन्ने, दाल का प्रयोग कर मनुष्य तो स्वस्थ रहेगा ही साथ ही प्राकृतिक खेती से किसानाें को भी दोगुना फायदा होगा। मौजूदा समय में लोग अनेकों जानलेवा बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। अब सभी लोग अपनेे स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए प्राकृतिक खेती से उगने वाली फसलोें को पसंद कर अपने खान पान में शामिल कर रहे हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती करनेे का आह्वान किया।
डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि देसी गाय प्राकृतिक खेती की रीढ़ है। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के माध्यम से बीज शोधन की विधियों के बारे में बता किसानों को देसी गाय का पालन करने की सलाह दी। विषय वस्तु विशेषज्ञ महेश कुमार ने कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती योजनाओं से जोड़ने, किसानों तक सही तकनीक पहुंंचाने के बारे में बताया। किसानों ने प्राकृतिक खेती मॉडल का क्षेत्र भ्रमण भी किया। इस मौके पर राजकुमार तोमर, सुशील कुमार, कृष्णपाल, बिजेंद्र कुमार, राजपाल, विजय, प्रदीप कुमार मौजूूद रहे।