मंडी में कुछ सब्जियों की आवक गिरी, बढ़े दाम
बड़ौत। कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली में किसानों के आंदोलन कर असर बड़ौत की मंडी पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जहां दिल्ली की मंडियों से यूपी में आने वाली सब्जी की आपूर्ति प्रभावित हुई है वहीं सब्जियों के दाम भी बढ़ने शुरू हो गए हैं। व्यापारियों ने कम आवक का सहारा लेकर कई सब्जियां दस से 20 रुपये प्रतिकिलो महंगी कर दी हैं। जिसका असर जनता की जेब पर पड़ रहा है।
बड़ौत की मंडियों में दिल्ली आजादपुर सहित कई मंडियों से आलू, टमाटर, मटर, लहसुन, प्याज, खीरा आदि सब्जियां पहुंचती हैं। पिछले सप्ताह मंडी में जहां सब्जियों की भरमार थी वहीं सब्जियों के रेट भी काफी नीचे थे। लेकिन चार दिन से बड़ौत मंडी में सब्जी की आवक और दामों में काफी अंतर है। रविवार को अमर उजाला ने सब्जी मंडियों में सब्जी की आवक और सब्जियों के रेट का जायजा लिया। साथ ही नगर में जगह जगह फुटकर में बेची जा रही सब्जियों का भी जायजा लिया। सब्जी मंडी के साथ साथ फुटकर में आलू की कीमत में भी काफी उछाल सामने आया है।
मंडी से बाहर निकलते ही सब्जी के रेट दोगुने
- मंडी से बाहर निकलते ही सब्जियों के दाम दोगुने हो रहे हैं। इस महगाई पर प्रशासन भी प्रतिबंध लगाने को आगे नहीं आ रहा है। अमर उजाला ने रविवार को मंडी और नगर के फुटकर विक्रेताओं से सब्जी के दाम जाने। जिसमें थोक और फुटकर के भाव में भारी अंतर देखने को मिला।
सब्जी थोक रेट फुटकर रेट
आलू 30-35 45-60
प्याज 25-30 40-60
टमाटर 20-25 30-45
मटर 45-50 60-80
गोभी 10-15 20-35
अरबी 25-30 45- 60
गाजर 10-15 20- 30
शिमला मिर्च 25-30 40-55
घीया 10-15 20-30
तोरी 15-20 35-50
मिर्ची 20-25 40-60
धनिया 5-10 15-20
ये बोले मंडी सचिव
- अमीनगर सराय रोड स्थित मंडी के सचिव विनोद राणा ने बताया कि नगर की मंडियों में दिल्ली व पंजाब से शिमला मिर्च, टमाटर, प्याज आता है। किसान आंदोलन ने दिल्ली की मंडियों को प्रभावित कर दिया है। जिसके कारण सब्जियों की आवक में 10 से 15 फीसदी कमी आयी है। न तो आजादनगर मंडी दिल्ली से सब्जियां भेजी जा रही है और न ही डर के चलते यहां के व्यापारी दिल्ली से सब्जियां लेने पहुंच रहे हैं।
इनका यह है कहना
फूंसवाली मस्जिद के पास सब्जी विक्रेता नीटू का कहना है कि यदि दिल्ली में किसानों का आंदोलन लंबा चला तो कुछ सब्जियों के भाव में उछाल आएगा। सबसे अधिक प्याज और आलू पर असर देखने को मिलेगा।