बड़ौत (बागपत)। जहां एक ओर केन्द्र सरकार गरीबों को मुफ्त इलाज मुहैया कराने के लिए आष्युमान कार्ड योजना चला रही है, वहीं नगर का निजी अस्पताल योजना के नाम पर मरीजों से अवैध वसूली कर रहा है। हाल ही में आष्युमान कार्डधारक से नगर के निजी अस्पताल में ऐंठने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित ने जब इसकी शिकायत करने की बात कहीं तो अस्पताल के संचालक व मैनेजर ने जबरन उसके मोबाइल से साक्ष्य मिटा दिया और बाद में जबरन प्रार्थना पत्र लिखवाकर मरीज की छुट्टी की। सोमवार को अब पीड़ित ने इसकी शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री और सीएमओ से करेगा।
बड़ौत निवासी सुखपाल को विगत दो सप्ताह पूर्व अचानक हार्ट में दर्द हुआ, तभी मरीज सुखपाल का बेटा गौरव उन्हें लेकर नगर के एक निजी अस्पताल में पहुंचा। वहां पर प्राथमिक इलाज के बाद मरीज के बेटे गौरव से रुपये मांगे । मजबूरी में गौरव ने अस्पताल में 20 हजार रुपये जमा कराए और पांच और सात हजार रुपये की जमा रसीद अपने पास रख ली। शेष रसीद अगले दिन देने को कहा। आरोप है कि इलाज के दूसरे दिन अस्पताल से फिर गौरव से 35 हजार रुपये मांगे। इस पर गौरव ने कहा कि आष्युमान कार्ड में गरीबों का मुफ्त इलाज होता है, रुपये क्यों जमा करा रहे हो और उसने शिकायत करने की धमकी दी। आरोप है कि इस दौरान उसके साथ बदसलूकी की और मोबाइल में लिए हुए साक्ष्य को डिलीट कर दिया। साथ ही जबरन प्रार्थना पत्र लिखवाने के बाद मरीज की छुट्टी कर दी। इससे पीड़ित का परिवार परेशान है। गौरव ने अब इस प्रकरण की शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री और सीएमओ से करने की बात कहीं। वह सोमवार को डीएम कार्यालय पर भी जाकर इसकी शिकायत करेगा।