- मई 2022 में तमेलागढ़ी गांव में की गई थी विवाहिता की हत्या, 75 हजार रुपये अर्थदंड अदा नहीं करने पर बढ़ाई जाएगी एक साल की सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ पूनम राजपूत ने तमेलागढ़ी गांव में पेट्रोल डालकर पत्नी मनु को जलाकर मारने वाले पति तिरसपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 75 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक साल की सजा बढ़ाई जाएगी।
दोघट थाने में मई 2022 में बिजरौल निवासी बाबूराम मुकदमा दर्ज कराया। बाबूराम ने बताया कि उसकी भांजी मनु की शादी तिरसपाल निवासी तमेलागढ़ी के साथ हुई थी। 18 मई 2022 को पति तिरसपाल, सास फूलवती और नंद बबीता ने पेट्रोल डालकर मनु को जला दिया। इसके छह दिन बाद दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान मनु की मौत हो गई। दिल्ली के अस्पताल में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष ने तिरसपाल और फूलवती को दिल्ली पुलिस से गिरफ्तार कराकर दोघट पुलिस के सुपुर्द करा दिया। पुलिस ने जांच के बाद पति तिरसपाल, सास फूलवती के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया, जबकि बबीता को क्लीनचिट दे दी।
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय चतुर्थ में चल रही थी। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश पूनम राजपूत ने तिरसपाल पर दोषसिद्ध और उसकी मां फूलवती को दोषमुक्त कर दिया। न्यायाधीश ने तिरसपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 75 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।