- विद्यालय की चारदीवारी टूटी, परिसर में लगे गंदगी के अंबार
- एक की शौचालय का प्रयोग कर रहे बालक-बालिका, तीन में केवल एक हैंडपंप चल रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बच्चों को स्कूलों में साफ व सुरक्षित माहौल देने के दावे काठा के अशोक स्मारक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हवाई साबित हो रहे है। विद्यालय की दीवार टूटी पड़ी है, परिसर में बड़ी-बड़ी झाड़ियां है। तीन में से दो हैंडपंप ठप पड़े है और बालक व बालिकाओं के लिए एक ही शौचालय है। विद्यालय में शिक्षकों का भी अभाव है। एक कार्यवाहक प्रधानाध्यापक व दो सहायक अध्यापक व दो ट्यूटरों पर छात्र-छात्राओं के शिक्षण की जिम्मेदारी है।
विद्यालय में कक्षा छह से आठवीं तक 164 छात्र-छात्राओं के पंजीकरण है। इनमें 102 छात्र व 62 छात्राएं है। विद्यालय के मैदान से लेकर कक्षों तक सफाई का अभाव है। मैदान में बड़ी-बड़ी घास खड़ी है और एक ओर की दीवार गिर गई है। विद्यालय में तीन में दो हैंडपंप ठप है। विद्यालय में दो में से एक शौचालय बंद है। छात्र और छात्राएं एक ही शौचालय का प्रयोग कर रहे है। विद्यालय में शिक्षकों का भी अभाव है। शिक्षिका राजबाला प्रधानाध्यानक का पद संभाल रही है। उनके अलावा सहायक अध्यापक संजीव कुमार व ममता और दो ट्यूटर रुबी व रीना पर बच्चों के शिक्षण की जिम्मेदारी है।
नहीं कराया जा रहा गाइडलाइन का पालन
विद्यालयों में बच्चों को कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं कराया जा रहा है। शनिवार को कक्षाओं में बच्चें एक-दूसरे से सटकर बिना मास्क का प्रयोग करते नजर आए। इससे विद्यालय में कोरोना संक्रमण खतरा बढ़ने की संभावना है। कार्यवाहक प्रधानाध्यापक राजबाला का कहना है विद्यालय की स्थिति के बारे में प्रबंध संचालक बीईओ पिलाना को अवगत कराया जा चुका है। शिक्षकों को बच्चों को कोरोना गाइड लाइन का पालन कराने के निर्देश दिए गए है।
विद्यालय में कक्षावार छात्र-छात्राओं का ब्यौरा
कक्षा बालक बालिका कुल
6 09 03 12
7 30 13 43
8 19 09 28
9 13 20 33
10 31 17 48
कुल 102 62 164
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विद्यालय में बालिकाओं के लिए अलग से शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। दीवार बनाने का प्रस्ताव तैयार निर्माण कराया जाएगा। प्रधानाध्यापक को विद्यालय परिसर में सफाई के निर्देश दिए गए है। - सतीश शर्मा, बीईओ पिलाना।
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की हालत पर बुजुर्ग दुखी
बोले, बेटियां की शिक्षा के लिए दी थी जमीन
छात्राओं को लाने लेजाने के लिए संचालित थी कई बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज तुगाना की हालत को देख आज वे लोग बहुत दुखी है, जिनके परिवार के बुजुर्गों ने बेटियों की शिक्षा को लेकर अपनी जमीन तक दान कर दी थी। कहना है कि कई बार राजनाथ सिंह, मुलायम सिंह यादव सहित अन्य बड़े नेताओं को पत्र लिखा गया, लेकिन कॉलेज के सुधार की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया।
गांव के चौधरी देशपाल सिंह चौहान ने बताया कि वर्ष 1965 में यह कॉलेज गांव के अंदर संचालित था। 1965 में स्वर्गीय चौधरी रामदास ने चार एकड़ और श्री रामचन्द ने एक एकड़ जमीन कॉलेज के लिए दी थी। इसके बाद यह जमीन पूर्व प्रधान जहान सिंह को आवंटित कर दी गई थी, ताकि बेटियां कॉलेज मेें पढ़कर गांव और जनपद का नाम रोशन करें। तत्कालीन ग्राम प्रधान चौधरी रामस्वरूप ने ग्राम पंचायत में कॉलेज शुरू करा दिया था। वर्ष 2005 में ग्राम प्रधान मास्टर विजयपाल के कार्यकाल में यह कॉलेज गांव के बाहरी हिस्से में स्थानांतरण कर दिया था। तब से लगातार कॉलेज की स्थिति बिगड़ती चली गई। बताया कि कई बार इस संबंध में राजनाथ सिंह, मुलायम सिंह यादव सहित अन्य बड़े नेताओं को पत्र लिखा गया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। मास्टर विजयपाल व लाला संतकुमार का कहना है कि कॉलेज मेें कभी छात्राओं को कॉलेज लाने व वापस छोड़ने के लिए कई बस संचालित थी, लेकिन आज पैदल ही बेटियां को कॉलेज जाना पड़ रहा है। उन्होंने कॉलेज की वर्तमान हाल को देख दुख प्रकट किया।