बागपत। फूलों की खेती से पहचान बनाने वाले बरनावा गांव के किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है। लॉकडाउन के कारण पांच सौ बीघा जमीन पर गेंदा फूल की खेती उजाड़ने को किसान खुद मजबूर हैं। बाजार में मांग नहीं होने के कारण फूल की सप्लाई नहीं हो सकी है। इस कारण फूल की खेती करने वाले किसानों को घाटा हुआ है। किसानों ने कहा अब उनकी ईद कैसे मनेगी।
बरनावा गांव में करीब पांच सौ बीघा के रकबे पर गेंदा फूल की खेती होती है। शादी विवाह के सीजन में यहां से फूल की सप्लाई मेरठ और दिल्ली मंडी में की जाती है। वहां से देशभर में खुशबू और खुशी फैलती है। किसानों ने इस बार भी उम्मीद से फूल लगाए, लेकिन लॉकडाउन के कारण जोर का झटका लगा है। किसान सलीम सलमानी बताते हैं कि गांव में करीब पांच सौ बीघा में फूल की खेती होती है, लेकिन इस बार फूल खेत में मुरझा रहे हैं। कुछ किसानों ने फूलों के खेत जोत दिए हैं। मेरठ और दिल्ली के बाजार में फूल की मांग नहीं है। इस कारण किसी भी भाव फूल नहीं बिक रहा है। किसान असलम ने सबसे ज्यादा 50 बीघा में फूल की फसल लगाई, लेकिन कहीं सप्लाई नहीं हो सकी है।
इसलिए नाउम्मीद हो गए किसान
बागपत। लॉकडाउन - चार में नया नियम आया है कि शादी विवाह में 20 से ज्यादा लोग एकत्र नहीं होंगे। ऐसे में फूलों की खपत भी कम होगी। साथ ही बारात घर या विवाह स्थल भी नहीं सजाए जाएंगे। इस कारण फूल की खेती करने वाले किसानों को सीधे तौर पर आर्थिक नुकसान होगा।
धान और ज्वार की तैयारी कर रहे हैं किसान
बागपत। क्षेत्र के किसानों ने फूलों के खेत उजाड़ने शुरू कर दिए हैं। ऐसे में अब धान और ज्वार की बुवाई की तैयारी की जा रही है।
ईद का त्योहार रहेगा फीका
बागपत। किसान सलीम सलमानी ने कहा लोकडाउन में फूल की मांग नहीं होने के कारण किसान और मजदूर दोनों को आर्थिक नुकसान हुआ है। इस कारण दोनों वर्ग के लोगों का ईद का त्योहार फीका रहेगा। बरनावा में मुस्लिम किसान ही फूलों की खेती करते हैं।