हाईकोर्ट भेजी अधिवक्ताओं की लिस्ट, पहचान पत्र हुआ जरूरी
बागपत। अदालत परिसर में बढ़ रहीं आपराधिक वारदातों को देखते हुए अब प्रदेश में अधिवक्ताओं और उनके मुंशी को पहचान पत्र जारी किया जाएगा। प्रत्येक जिले में सुरक्षा समिति गठित की जा रही है। कोर्ट गेट पर एंट्री के दौरान पुलिस पहचान पत्र चेक करेगी। अधिवक्ताओं की सूची तैयार कर हाईकोर्ट और उत्तर प्रदेश बार कौंसिल को भेज दी गई है। अब पहचान पत्र गले में लटकाकर ही अधिवक्ता अदालत जाएंगे।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह तोमर और महामंत्री आजाद धामा ने बताया कि प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ताओं की सूची तैयार कर हाईकोर्ट और उत्तर प्रदेश बार कौंसिल को भेज दी गई है। जिला जज के अलावा डीएम और एसपी कार्यालय में भी यह सूची रहेगी। अधिवक्ताओं और मुंशी के फोटो युक्त पहचानपत्र बनाने के निर्देश बार कौंसिल ने दिए हैं, जिसके बाद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
क्या होगा पहचान पत्र का लाभ
कोर्ट परिसर के गेट पर तैनात पुलिसकर्मी अब चेकिंग के दौरान किसी भी अधिवक्ता से पहचान पत्र मांग लेेंगे। इससे अनावश्यक लोगों की एंट्री कोर्ट परिसर में रुकेगी। इसी तरह मुंशी के कार्ड बनेंगे।
इसलिए हो रही कवायद
कोर्ट परिसर में अपराध की कई बड़ी वारदातें हो चुकी हैं, जिस पर हाईकोर्ट ने गंभीरता दिखाई है। पहले मुजफ्फरनगर में अधिवक्ता के वेश में आए आरोपियों ने विक्की त्यागी की हत्या कर दी थी। इसके बाद बिजनौर में वारदात हुई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट बेंच संघर्ष समिति के अध्यक्ष मांगेराम तोमर का कहना है कि सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।
जिले में 574 अधिवक्ता
जिले में फिलहाल जो सूची तैयार की गई है, उसमें 574 अधिवक्ताओं के नाम हैं। महासचिव आजाद धामा ने बताया कि मुंशी और अन्य अधिवक्ताओं की सूची भी भेजी जाएगी।