बड़ौत। एटीएम में डालने के लिए 5.26 करोड़ रुपये बैंक से लेकर गबन करने के मुकदमे में जेल में बंद चंडीगढ़ पुलिस के सिपाहियों की जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई टल गई। इस मुकदमे में 20 आरोपी जेल में बंद है।
मेरठ की सीएमएस कंपनी बैंकों से रुपये लेकर एटीएम में डालने का काम करती है। गड़बडी का शक होने पर कंपनी की जांच में 5.26 करोड़ का गबन सामने आया। मुकदमा दर्ज होने के बाद मुख्य आरोपी गौरव व रॉकी को फर्जी ढंग से तमंचा व कारतूस बरामदगी में जेल भेजने पर चंडीगढ़ के डीसीसी प्रभारी जसमिंदर सिंह, सिपाही सतीश व सिपाही समुंदर, मनीष निवासी जौहड़ी को चंडीगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर गबन के 5.26 करोड़ रुपये में से 4.97 करोड़ रुपये बरामद किए। इसके बाद मुख्य आरोपी गौरव के पिता कुलदीप तोमर व भाई सौरभ तोमर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर जेल चले गए।
जेल में बंद चंडीगढ़ पुलिस के सिपाही समुंदर और सतीश ने जमानत याचिका दायर कराई, जिस पर सुनवाई के लिए सोमवार का दिन नियत किया गया। लेकिन अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्यों से विरत रहने के चलते जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी।