इसके बाद सोनीपत की एक गर्भवती महिला को वहां भ्रूण लिंग जांच कराने के लिए भेजा। जहां बाघू गांव की महिला मुनेश ने पहले बातचीत की और 15 हजार रुपये में अल्ट्रासाउंड करने की बात तय हुई। वहां 15 हजार रुपये देने के बाद ही बाघू गांव के फरमान नाम के युवक ने महिला का अल्ट्रासाउंड करना शुरू किया तो स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारकर उसे पकड़ लिया। जांच के दौरान सेंटर का पंजीकरण का कोई भी दस्तावेज नहीं मिला और वहां चिकित्सक भी नहीं मिला। इसके बाद मशीन और सेंटर को सील कर दिया गया। आरोपी युवक फरमान व महिला मुनेश से 15 हजार रुपये बरामद हुए। उनको पुलिस के हवाले कर दिया गया और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।
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सेंटर पर महिलाओं को लेकर आती थी महिला एजेंट
एसीएमओ डॉ. दीपा सिंह ने बताया कि सेंटर पर युवक फरमान की एक महिला एजेंट अन्य महिलाओं लेकर आती थी। महिला गांव में आया का काम करती है। वह गर्भवती महिलाओं से संपर्क कर उनका अल्ट्रासाउंड फरमान के सेंटर पर कराती थी। इसके लिए फरमान उस एजेंट को अल्ट्रासाउंड से मिलने वाली राशि में कुछ हिस्सा देता था।
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