बड़ौत (बागपत)। उपाध्याय गुप्ति सागर महाराज का बड़ौत आगमन पर जैन अनुयायियों ने स्वागत किया और बैंडबाजों के साथ उनकी शोभायात्रा का जूलूस आचार्य धर्म सागर दिल्ली रोड़ से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ अतिथि भवन में धर्मसभा में परिवर्तित हो गया। जैन संत की जगह-जगह लोगों ने आरती उतारी।
विद्या सागर महामुनिराज के सुशिष्य रवर्तक उपाध्याय 108 गुप्ति सागर महाराज ने प्रथम बार धर्म नगरी बड़ौत में पावन भव्य मंगल प्रवेश किया। महाराज का मंगल प्रवेश शोभायात्रा आचार्य धर्म सागर नसियां दिल्ली रोड से प्रारंभ हुई। प्रवेश शोभायात्रा में सबसे आगे धर्म ध्वजा, ढोल ताशा नपीरी एक दर्जन बैंड बाजे धार्मिक भजन व धुन बजाते चले। शोभायात्रा बडौली रोड ,विशाल सिनेमा, कोताना रोड, नया बाजार, नेहरू मूर्ति, से होती हुई दिगंबर जैन अतिथि भवन पहुंची। रास्ते मे जगह जगह श्रद्धालुओं व सामाजिक धार्मिक संगठनों ने उपाध्याय का पाद प्रक्षालन व आरती की मंगल प्रवेश शोभायात्रा में सर्दी के बाद भी श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ पड़ा। शोभायात्रा दिगंबर जैन अतिथि भवन पहुंचकर धर्म सभा में बदल गई। धर्म सभा का शुभारंभ मंगला चरण से किया। सकल जैन समाज ने महाराज को श्रीफल अर्पित किए। चित्र अनावरण सुरेश जैन, पवन जैन, गोधा मुकेश सोनीपत, राजेंद्र गोधा जैन, दीप प्रज्ज्वलन सकल जैन समाज के अध्यक्षों ने किया।
धर्मसभा में उपाध्याय गुप्ति सागर ने कहा छोटा सा जीवन है, संसार में कोई चीज बुरी नहीं है। बुरा है तो अपना मन सुबह से लेकर शाम तक सिर्फ उसमें उलझे हैं। जीवन का गणित है, कुछ पाने के लिए चलना पड़ता है पानी बहता रहता ही शुद्ध रहता है, इसीलिए संकल्प लेकर आगे बढ़ते रहिये। पंच कल्याणक सबके लिए कल्याणकारी होगा। धर्मसभा का संचालन डॉ. आरके जैन व अमित जैन ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर पंकज जैन अजय ,अनिल, सिद्धार्थ, कमल, दिनेश अमित अंकुर राज कुमार, पवन आनंद, आदिश सिम्मी, अल्पना, गीता, अनिता रेणुका, मीड़िया प्रभारी आदिश जैन आदि सहित दिल्ली सोनीपत गन्नोर गाजियाबाद आदि जगहों से श्रद्धालु पधारें।