रमाला। असम के जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान वायुसेना के एएन-32 कार्गो विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत तोमर बलिदान हो गए। इस दुखद खबर से उनके पैतृक गांव कंडेरा में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रशांत तोमर का अंतिम संस्कार देहरादून में किया जाएगा।
ताऊ प्रमोद तोमर ने बताया कि प्रशांत बचपन से ही पढ़ाई में काफी होशियार थे। उन्होंने अपने पिता उमेश तोमर के साथ रहकर बीटेक तक की पढ़ाई पूरी की थी। उमेश तोमर भारतीय सेना से हवलदार पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद वह देहरादून के सेलाकुई में बस गए थे और अपना व्यवसाय कर रहे थे। प्रशांत वर्ष 2020 में वायुसेना में फ्लाइंग पायलट के पद पर भर्ती हुए थे। कुछ समय पहले ही उनकी तैनाती चंडीगढ़ से असम में हुई थी। पदोन्नति के बाद वह स्क्वाड्रन लीडर बन गए थे। प्रशांत तोमर एक साल पहले अपने गांव कंडेरा आए थे।
-आठ दिन पहले फोन पर हुई थी बात
प्रमोद तोमर ने बताया कि उनके भतीजे स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत काफी कम समय ही गांव में रहे और यहां आना जाना त्योहारों, शादी समारोह में रहता था। उन्होंने बताया कि काफी अच्छे स्वभाव के कारण परिवार के लोगों के साथ घुलमिलकर रहते थे और अक्सर फोन पर बातचीत करते रहते थे। उन्होंने बताया कि आठ दिन पहले प्रशांत ने फोन करके हालचाल जाना।
-परिवार के इकलौते बेटे थे, दो साल पहले हुई थी शादी
प्रमोद तोमर ने बताया कि उनके छोटे भाई उमेश तोमर के परिवार में इकलौता बेटा स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत और एक बेटी थी। बेटी की शादी हो चुकी है। दो साल पहले प्रशांत की शादी दिल्ली की ऐश्वर्या के साथ हुई थी, उनके परिवार में कोई बच्चा भी नहीं है।