फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान-मजदूरों के हितों की अनदेखी कर रही सरकार: राजपाल कश्यप

विज्ञापन
टीकरी कस्बे में आयोजित सपा पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में मंचासीन पदाधिकारी - फोटो : BAGHPAT
विज्ञापन
टीकरी में समाजवादी पिछड़ा वर्ग सम्मेलन और सामाजिक न्याय यात्रा में एमएलसी राजपाल कश्यप ने सरकार पर बोला हमला
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। टीकरी कस्बे में आयोजित समाजवादी पिछड़ा वर्ग सम्मेलन और सामाजिक न्याय यात्रा में सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष एवं एमएलसी डा. राजपाल कश्यप ने कहा कि सत्ता के नशे में चूर भाजपा सरकार पूरी तरह से किसान-मजदूरों के हितों की अनदेखी कर रही है। प्रदेश में अखिलेश यादव के कराए गए विकास कार्य ही सपा की प्रचंड बहुमत वाली सरकार बनवाएंगे।
एमएलसी डा. राजपाल कश्यप ने कहा कि किसान कृषि कानून रद्द करने की मांग को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर धरना देकर बैठे हुए है। लेकिन मंत्री के बेटे अपनी गाड़ी से लखीमपुर खीरी में किसानों को रौंदकर मौत के घाट उतार रहे है। कहा की भाजपा सरकार में महंगाई इस कदर बढ़ी है कि उससे आमजन की कमर टूट गई है। जनता पर महंगी बिजली, डीजल, रसोई गैस, खाद, उर्वरक आदि की मार पड़ रही है। भाजपा की प्रदेश सरकार विकास के नाम पर कुछ नहीं कर सकी। कहा कि सपा सरकार द्वारा कराए गए विकास कार्यों को गिना कर भाजपा सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है। सम्मेलन की अध्यक्षता चौबीसी चौधरी कश्यप समाज जय सिंह कश्यप व संचालन प्रदीप कश्यप ने किया। इस दौरान पूर्व मंत्री किरणपाल कश्यप, उदयवीर कश्यप, लालबिहारी यादव, हरिश्चंद्र प्रजापति, जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी, हरेंद्र सिंह, अमित बालियान, जयवीर कश्यप, संजीव पंवार, तहसीम, नवाब सैफी, रविंद्र त्यागी, अशोक कुमार, जसवंत, विपिन चौधरी, साहिन, योगेंद्र राठी, महक सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

विकास कार्यों में भेदभाव हो रहा, मुख्य सचिव से तलब कराएंगे अफसर
बागपत। विधायी समाधिकार समिति के सभापति व एमएलसी डा. राजपाल कश्यप ने बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने समीक्षा करते हुए देखा कि विधान सभा व विधान परिषद के सदस्यों के साथ विकास कार्यों में भेदभाव किया जा रहा है। विधान परिषद के सदस्यों से विकास कार्यों के प्रस्ताव नहीं लिए जाते है। इस पर डा. राजपाल कश्यप ने नाराजगी जताई और ऐसे अफसरों की सूची बनाकर प्रमुख सचिव से उनको तलब कराने की बात कही।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें