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बारिश से बरामदे की छत गिरी, मासूम की मौत

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बारिश से बरामदे की छत गिरी, मासूम की मौत
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बागपत/दोघट। बारिश के दौरान दोघट के बेगमाबाद गढ़ी गांव में बरामदे की छत गिर गई, जिसके मलबे में परिवार दब गया। हादसे में आठ साल की मासूम की मौत हो गई, जबकि उसकी मां और बहन गंभीर रूप से घायल हो गईं। चीख-पुकार सुनकर आए लोगों ने मलबे से पीड़ित परिवार को निकाला और अस्पताल पहुंचाया। एसडीएम बड़ौत ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया और पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिया।
दो दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण बेगमाबाद गढ़ी गांव में मुकेश सैनी पुत्र सोमदत्त सैनी के मकान का बरामदा मंगलवार सुबह सवा छह बजे भरभराकर गिर गया। बरामदे में सो रही मुकेश सैनी की पत्नी निशा, आठ साल की बेटी प्राची और चार साल की गुड्डी मलबे में दब गईं। चीख पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। मलबे के नीचे से परिजनों को निकाला। हादसे में प्राची की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि गुड्डी और निशा को गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिनौली में भर्ती कराया गया। एसडीएम बड़ौत दुर्गेश मिश्रा, तहसीलदार बड़ौत प्रदीप कुमार, एसओ रमेश सिंह, कानूनगो कल्लू सिंह, लेखपाल सुरेश कुमार, कृष्णपाल शर्मा गांव पहुंचे और जायजा लिया। इसके अलावा पुसार गांव में हरिओम उर्फ बिट्टू के मकान की छत की चहारदीवारी टूटकर गई।
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मासूम की जान गई, अब दिया मदद का भरोसा
जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत मकान बनाए जा रहे हैं। लेकिन इसका लाभ ग्रामीण इलाकों के पात्रों को नहीं मिल रहा है। बेगमाबाद गढ़ी गांव में हुए हादसे में मासूम की जान गई तो प्रशासन ने सहायता का आश्वासन दिया। एसडीएम बड़ौत दुर्गेश मिश्रा के साथ प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक मदद दिलाए जाने का आश्वासन दिया। इसके अलावा फिलहाल परिवार के सदस्यों के रहने के लिए उप केंद्र का ताला खुलवाया गया। एसडीएम का कहना है कि आवास योजना ग्रामीण क्षेत्र में नहीं चल रही है।
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तौल केंद्रों पर जलभराव से मुश्किलें
बारिश से जिलेभर में तौल केंद्रों पर जलभराव के हालात बन गए, जिससे तौल कार्य बंद है। किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ओलावृष्टि हुई तो बनेगा खतरा
कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा के प्रभारी गजेंद्र पाल सिंह का कहना है कि बारिश से फसलों को अभी किसी तरह का नुकसान नहीं है। तेज बारिश, तेज हवा या फिर ओलावृष्टि के कारण सरसों और अन्य फसलों को नुकसान हो सकता है।
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