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जिले के किसानों को जिप्सम आवंटित किया

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जिले के किसानों को जिप्सम आवंटित किया
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बागपत। भूमि की घटती उर्वरी शक्ति को लेकर अब किसानों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है। किसान कम खर्च में भी भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ा सकते हैं। इतना ही नहीं फसलों के उत्पादन में भी किसानों को लाभ मिलेगा। शासन से बागपत जनपद के किसानों को कई सौ मैट्रिक टन जिप्सम आवंटित किया। इसके लिए किसानों को अपना पंजीकरण कराना होगा।
रासायनिक खादों का ज्यादा प्रयोग और फसल चक्र न अपनाकर जनपद के किसान अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं। पिछले पांच साल में लगातार पैदावार घटती जा रही है। किसान की अब भी बड़ी संख्या ऐसी है जो जागरूक नहीं है। इसका सीधा असर भूमि की उर्वरा शक्ति पर पड़ा रहा है और वह दिन-प्रतिदिन क्षीण होती जा रही है। किसान एक वर्ष में तीन-तीन फसलों का उत्पादन ले रहे हैं और फसल चक्र की उन्हें जरा भी फ्रिक नहीं है। इसके साथ-साथ ही वह रासायनिक खादों का भी धड़ाधड़ प्रयोग कर उर्वरा शक्ति को भारी क्षति पहुंचा रहे हैं। किसानों में जागरूकता के अभाव के कारण भूमि में फास्फोरस, पोटाश, जिंक, सल्फेट आदि महत्वपूर्ण तत्वों की भारी कमी आ गई है।
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इसके अलावा नाइट्रोजन का स्तर भी गिरता जा रहा है। रासायनिक खादों ने भूमि का संतुलन परी तरह से बिगाड़ दिया । नतीजा सभी के सामने है। किसान फसलों को पानी देता है और वह घंटे दो घंटे के बाद सूख जाता है, लेकिन अब किसानों को भूमि की घटती उर्वरा शक्ति को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है। किसानों को मात्र 58 रुपये खर्च करने होंगे और भूमि की घटती उर्वरा शक्ति उन्हें दोबारा मिल जाएगी। इतना ही नहीं फसलों के उत्पादन में भी किसानों को लाभ मिलेगा। शासन से बागपत जनपद के किसानों को छह ब्लाकों में छह सौ मैट्रिक टन जिप्सम के करीबन आवंटित किया। बड़ौत ब्लाक पर 250 क्विंटल जिप्सम आ चुका है, बिनौली, छपरौली के अलावा अन्य ब्लाकों पर भी जल्द जिप्सम उपलब्ध हो जाएगा। इसके लिए किसानों को अपना पंजीकरण कराना होगा।
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राजकीय बीज भंडार के प्रभारी एसडीओ तेजपाल सिंह चौहान ने बताया कि भूमि में जिप्सम के उपयोग से उर्वरा शक्ति बढ़ती है। जिप्सम रासायनिक खादों के प्रयोग से बनी भूमि में बनी कठोर परत को तोड़ने में जिप्सम लाभदायक होता है। साथ ही मिट्टी को भूरभूरी करता है। जिप्सम के प्रयोग से भूमि में फास्फोरस, पोटाश, जिंक, सल्फेट आदि महत्वपूर्ण तत्वों की कमी को पूरा करता है। फिलहाल जिप्सम पर 75 प्रतिशत अनुदान मिल रहा है। एक कट्टा की कीमत मात्र 58 रुपये निर्धारित की।
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