आम बजट को लेकर हर वर्ग की प्रतिक्रिया अलग
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/खेकड़ा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को आम बजट पेश किया। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों और लोगों ने घरों में बैठकर टीवी पर बजट देखा। व्यापारी, गृहिणी, किसान, युवा और उद्यमी आदि सभी वर्गों ने बजट पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी। किसी ने सरकार की सराहना की तो कोई आलोचना करना दिखा।
इनकम टैक्स स्लैब में मिलनी चाहिए थी छूट
पेंशनर सत्यवीर सिंह का कहना था कि इनकम टैक्स के स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिससे पेंशनर निराश है। आम बजट में उम्मीद थी कि सरकार इनकम टैक्स की सीमा में बढ़ोतरी कर राहत देगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि विकास के लिए बजट में काफी कुछ है।
सीए सौरभ जैन ने कहा कि टैक्स पेयर्स को यह राहत जरूर मिली है कि आईटीआर फाइल करने में और दो साल तक की राहत दी गई है। कहा कि व्यापक तौर पर देखा जाए तो बजट में इनकम टैक्स जीएसटी व कस्टम में बहुत कम बदलाव हुए हैं। इससे यह प्रतीत होता है कि केंद्र सरकार ने ढांचागत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया है जिसमें कृषि, निर्माण व तकनीकी शिक्षा शामिल है।
विनोद कुमार जैन एडवोकेट ने कहा कि यह बजट देश को विकास के पथ पर ले जाने वाला बजट है। कहा कि डिजिटल करेंसी आने से देश को 30 प्रतिशत टैक्स मिलेगा, जो भारतवर्ष की आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ़ करेगा।
अब पोस्ट आफिस में भी लगेगी एटीएम मशीन
मुख्य डाकघर बागपत के पोस्ट मास्टर अशोक शर्मा ने कहा कि पोस्ट ऑफिस को लेकर सरकार ने कोर बैंकिंग सिस्टम लाने का फैसला किया है। अब पोस्ट ऑफिस में एटीएम मशीन होंगे। इससे लोगों को काफी सहूलियतें मिलेंगी। सरकार के इस एलान के बाद नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम के माध्यम से खातों तक पहुंच होगी। इसके अलावा डाकघर खातों और बैंक खातों के बीच पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर किए जा सकेंगे।
सचिन राठी का कहना है कि इस बजट में अब 1.5 लाख डाकघरों में से 100 प्रतिशत कोर बैंकिंग प्रणाली के तहत आ जाएंगे। जिससे वित्तीय समावेशन और नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम के माध्यम से खातों तक पहुंच और एसबी खातों के बीच बैंक खातों में धन का ऑनलाइन ट्रांसफर भी उपलब्ध होगा। इससे लोगों को काफी सहूलियतें मिलेंगी।
किसानों को तत्काल मिले फसलों का लाभकारी मूल्य तभी होगा फायदा
किसान जसवीर का कहना है कि देश में 70 प्रतिशत से ज्यादा लोग कृषि पर ही निर्भर हैं। 12 से 16 दिन के भीतर गन्ने का भुगतान किसानों को मिलना चाहिए। गन्ने का भुगतान किसानों को समय पर नहीं मिल पा रहा है और न ही किसानों को समय से खाद और बीज उपलब्ध हो पा रहा है।
किसान पप्पू का कहना है कि डीजल की महंगाई, डीएपी की कालाबाजारी और एमएसपी कानून पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। किसानों को तत्काल मिले फसलों का लाभकारी मूल्य तभी फायदा होगा।
किसान वीरेंद्र धामा ने कहा कि बजट में किसानों के लिए कुछ भी नहीं है। सरकार को बजट में एमएसपी पर गारंटी कानून बनाकर लागू करना चाहिए था। बजट से किसानों को निराशा मिली है।
किसान सुखपाल सिंह ने कहा कि बजट में एमएसपी पर रिकार्ड खरीदारी करने का लक्ष्य रखा गया है। तिलहन और आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने से किसानों को फायदा मिलेगा।
युवा बोले अच्छा कदम, लेकिन बिना किसी अवरोध के पूरी हो भर्तियां
आकाश का कहना है कि बजट में 60 लाख युवाओं को रोजगार दिलाने का वादा तो हुआ है। योजना भी बनी है, लेकिन योजना को कब तक लागू किया जाएगा, इस पर जोर देने की जरूरत है। कई भर्तियां लंबित चल रही हैं, समय से नियुक्ति कराने पर सरकार को जोर देना चाहिए।
रविंद्र व छोटू का कहना है कि सरकार ने बजट में युवाओं के रोजगार का ध्यान रखा है। यह बहुत अच्छी बात है। मगर, आज नौकरियां निकली नहीं कि वह कोर्ट में जाकर फंस जा रही हैं। सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि नौकरियों का कोई मामला कोर्ट में न फंसे।
क्रिकेट कोच प्रतीक तोमर का कहना है कि गत वर्ष के बजट में कोरोना महामारी के कारण कमी की गईी थी, लेकिन इस बार बजट 3062.60 करोड़ रुपये हो गया है। कहा कि भारी बजट तो पास किया जाता है लेकिन सरकार निचले स्तर पर खिलाड़ियों का ध्यान नहीं देती है। निचले स्तर से ही राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचते है, उन पर कब ध्यान दिया जाएगा।
छात्र अक्षय ने कहा कि बजट में युवाओं के लिए रोजगार को शामिल किया गया है। बजट छात्रों के हित में है और अब रोजगारपरक शिक्षा के बाद नौकरी की कुछ उम्मीद जगी है।
व्यापारी और उद्यमी बोले, अच्छा पर और मिलनी चाहिए छूट
उद्यमी विनोद धामा ने कहा कि कृषि यंत्रों के निर्माण को जीएसटी से बाहर किया जाना चाहिए। पहले कोई टैक्स नही लगता था, मगर अब टैक्स देना पड़ता है। इसकी बड़ी उम्मीद थी, लेकिन पूरी नहीं हो सकी।
हैंडलूम उद्यमी मुकेश गुप्ता ने कहा कि बजट में कपड़े पर टैक्स में छूट मिली है, कपड़ा तैयार करने के कच्चे माल पर नियम लागू होने पर पावरलूम उद्योग को लाभ मिलेगा।
व्यापारी उदय चौहान ने बताया कि डिजिटल करेंसी की सुविधा मिलने से व्यापारियों के साथ होने वाली लूट और आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगेगा। व्यापारियों को लेन-देन करने में सुविधा मिलेगी।
व्यापारी मनोज कौशिक ने कहा कि बजट में व्यवसाय को आसान बनाने के लिए एक राष्ट्र एक पंजीकरण की सुविधा शुरू होने से व्यापारियों को लाभ मिलेगा। बजट में काफी कुछ अच्छा है।
महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए कोई कदम नहीं
गृहिणी पूजा शर्मा ने कहा कि रोजमर्रा की वस्तुओं के दामों में काफी तेजी आई थी। इससे रसोई का सारा बजट बिगड़ गया। सरकार को महंगाई कम करने के लिए बजट में विशेष उपाय करने चाहिए थे। केंद्रीय बजट में महंगाई कम करने के लिए कोई घोषणा नहीं की गई है, इससे उनको निराशा हुई है।
मीनाक्षी जैन ने कहा कि किचन की महंगाई महिलाओं के लिए मुसीबत बनती जा रही है। बजट में खाद्य तेल व रसोई गैस की कीमत कम करने के लिए सरकार को घोषणा का बेसब्री से इंतजार था। मगर, वित्त मंत्री ने महिला होने के बावजूद कोई ध्यान इस ओर नहीं दिया।
महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने का मौका
नीतू शर्मा ने कहा कि बजट में महिला का ध्यान रखा गया है। आशा बहुओं की भर्ती होने से महिलाएं आत्मनिर्भर बनेगी। बजट में हर वर्ग को कुछ न कुछ दिया गया है और इस तरह बजट अच्छा रहा।
सुशीला ने कहा कि बजट में वित्तमंत्री ने युवाओं के लिए आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत 16 लाख और मेक इन इंडिया के अंतर्गत 60 लाख युवाओं को नौकरी देना शामिल किया है। इससे युवाओं की रोजगार के अवसर मिलेेंगे।
प्रभा सिंघल ने कहा कि सरकार ने कपड़े और चमड़े के उत्पादों के दाम कम करके राहत प्रदान की है। इससे महिलाओं को कपड़े, पर्स, चप्पल कम कीमत में मिलेगे। आर्टिफिशियल ज्वेलरी भी सस्ती होगी।
सोनल धामा ने कहा कि बजट में दो लाख आंगनबाड़ी केंद्र अपग्रेड करने से करोड़ों बच्चों को लाभ मिलेगा और कुपोषण दूर करने के लिए यह निर्णय अच्छा है।
पक्ष ने सराहा, विपक्ष ने बताया खानापूर्ति
रालोद के हस्तिनापुर क्षेत्र के मीडिया प्रभारी अरुण तोमर बॉबी का कहना है कि बजट निराशाजनक है। यह सरकार पूंजीपतियों की सरकार है, छोटे दुकानदारों व व्यापारियों को इस बजट से कोई लाभ नहीं होगा। मात्र खानापूर्ति बजट में की गई है।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सोमेंद्र ढाका ने कहा कि आम बजट से किसान, मजदूर और युवाओं को निराशा मिली है। सरकार का पूंजीवाद हितैषी और गरीब व मध्यम वर्ग विरोधी चेहरा उजागर हुआ है। उद्योगपतियों के कॉरपोरेट टेक्स में कटौती इसका प्रमाण है। आम आदमी को इनकम टैक्स स्लैब में परिवर्तन न होना निराशा जनक है।
जिला पंचायत सदस्य सुभाष गुर्जर ने कहा कि बजट पेश करने में आंकड़ों में खेल किया गया है। बजट में आम लोगों के लिए कुछ नहीं दिया। इस बजट से लोगों का कुछ भी भला नहीं होगा और लोगों को बड़ी निराशा मिली है।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी ने बताया कि सरकार ने आधारहीन और दिशाहीन बजट पेश किया है। बजट के नाम पर लोगों को बहकाया गया है। इस बजट से किसी को कोई फायदा नहीं होगा।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख जितेंद्र धामा ने कहा कि बजट में किसान, महिला, युवा और व्यापारियों का ध्यान रखा गया है। कर्मचारियों को एनपीसी पर 14 प्रतिशत योगदान और पेंशन में टैक्स का फायदा मिलेगा। इसके साथ ही बजट में जिस तरह के प्रावधान किए गए है, उससे कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।