बागपत। किशोरी की हत्या के मामले में उसके दोस्त पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम ने दोष सिद्ध किया है। सजा को लेकर 24 जुलाई को सुनवाई होगी। वहीं साक्ष्य के अभाव में दूसरे आरोपी को दोष मुक्त कर दिया गया और तीसरा आरोपी नाबालिग होने के कारण उसकी पत्रावली अलग की गई।
खेकड़ा के मोहल्ला राकपुर रेलवे रोड पर रहने वाले श्याम सुंदर ने खेकड़ा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि 23 नवंबर 2015 की शाम करीब पांच बजे उनका बेटा सचिन उर्फ बॉबी (17) अपने साथी बिट्टू निवासी बड़ागांव व एक अन्य किशोर के साथ घूमने गया था। वह वापस घर नहीं लौटा और तलाश करने पर भी पता नहीं चला। अगले दिन करीब आठ बजे बड़ागांव के एक किसान के खेत में सचिन का शव पड़ा मिला था। श्याम सुंदर ने सचिन की हत्या का बिट्टू व उसके साथी किशोर पर शक जताया था। पुलिस की विवेचना में युवक प्रिंस निवासी बड़ागांव का नाम भी प्रकाश में आया था।
तीनों के खिलाफ पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। इनमें से एक किशोर की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है। वहीं बिट्टू व प्रिंस को लेकर यह मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत में चल रहा था। इसमें न्यायाधीश ने सभी साक्ष्य व गवाहों के बयान के आधार पर बिट्टू को दोषी मानते हुए उसपर दोष सिद्ध किया। वहीं साक्ष्य के अभाव में प्रिंस को दोष मुक्त किया। बिट्टू को सजा को लेकर 24 जुलाई को सुनवाई होगी।