- सरोरा गांव में महिला सत्तो को शनिवार को घर में सोते हुए सांप ने डसा तो परिजन मेरठ के अस्पताल में लेकर गए
- वहां से रविवार को वापस घर लाकर दो घंटे पानी में रखी महिला, फिर शामली के गोगमा गांव में झाड़-फूंक कराई
- महिला की सोमवार को मौत हो गई तो पुलिस ने पोस्टमार्टम भी कराया, कांवड़ लेने गया पति भी वापस लौटकर आया
संवाद न्यूज एजेंसी
दाहा। सरोरा गांव में शनिवार को घर में जमीन पर सोते हुए महिला सत्तो को सांप ने डस लिया। सांप के डसने के बाद भी दो दिन तक महिला की सांस चली। मगर परिजन उसको अस्पताल से लाकर अंधविश्वास व झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ गए और उसकी सोमवार को जान चली गई। इसका पता चलने पर पहुंची पुलिस ने उसका पोस्टमार्टम भी कराया।
सरोरा गांव के गौरव ने बताया कि उसके बड़े भाई कुलदीप कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार गए थे। उसकी भाभी सत्तो शनिवार को जमीन पर सोई हुई थी तो एक सांप घर में घुस गया और उसके पैर में डस लिया। भाभी की हालत बिगड़ने लगी तो मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने उपचार किया मगर ज्यादा आराम नहीं लगा तो परिजन वहां से महिला को घर ले आए। जब महिला को आराम नहीं लगा तो परिजनों ने महिला को दो घंटे तक नलकूप में पानी के अंदर रखा। महिला के मायके वाले भी पहुंच गए।
मायके वाले महिला को शामली के गोगमा गांव में झाड़फूंक करने वाले के पास लेकर गए लेकिन वहां भी आराम नहीं लगा और सोमवार को महिला की मौत हो गई। महिला का पति कुलदीप भी कांवड़ यात्रा छोड़कर बीच रास्ते से आ गया। इसका पता चलने पर पहुंची पुलिस ने महिला का पोस्टमार्टम कराया। परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के लिए अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक महिला के दो बेटे कृष्णा व विराट है।
- पति के कांवड़ लेने जाने के कारण नीचे सोई थी सत्तो
सत्तो का पति कुलदीप कांवड़ लेने के लिए गया था। इसलिए ही सत्तो नीचे सोई हुई थी। जब किसी के परिवार से कांवड़ लेने जाते हैं तो आस्था रखते हुए महिलाएं चारपाई की जगह नीचे जमीन पर सोती है। सत्तो को नीचे सोते हुए ही सांप ने डस लिया।
- सांप के डसने पर झाड़-फूंक की जगह उपचार कराए : सीएमओ
सीएमओ डॉ. तीरथलाल का कहना है कि सांप के डसने पर झाड़-फूंक से बचना चाहिए और पीड़ित को जल्द अस्पताल ले जाएं। जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी-पीएचसी में एंटी स्नैक वेनम इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उपचार तुरंत मिलने पर मरीज को बचाया जा सकता है। बताया कि सर्पदंश की घटना होने पर बिना घबराए मरीज को आराम से लेटा दें क्योंकि घबराने से हार्टअटैक आने का खतरा बन जाता है। दौड़ने भागने से जहर तेजी से शरीर में फैलता है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और अन्य बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों में जहर का असर गंभीर हो सकता है, इनके उपचार में देरी न करें। घाव के साथ छेड़छाड़ न करें।