बागपत। वर्ष 2018 के बाद पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़ों की देखभाल करने वाले किसानों को प्रति पेड़ प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसके लिए किसानों को वन विभाग कार्यालय से फार्म प्राप्त कर खसरा-खतौनी के साथ आवेदन करना होगा। पेड़ों का संरक्षण करने के लिए किसानों को न्यूनतम प्रति पेड़ 250 रुपये प्रोत्साहन के रूप मे प्रदान किए जाएंगे। इसका पायलट प्रोजेक्ट मेरठ और लखनऊ जोन के जिलों में शुरू किया गया है।
डीएफओ हेमंत कुमार ने बताया कि वन विभाग, ऊर्जा और संसाधन संस्थान की ओर से पांच साल तक पॉपलर, शीशम, नीम व आम आदि पौधों का पांच साल तक संरक्षण करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा। पेड़ों का संरक्षण करने और पर्यावरण संरक्षण सहयोग करने के लिए किसानों को प्रति पेड़ न्यूनतम 250 रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रदान किए जाएंगे। इसके लिए वन विभाग की ओर से 2018 में लगाए गए पेड़ों का संरक्षण करने वाले किसानों का डाटा जुटाया जा रहा है। किसान कार्यालय से फार्म प्राप्त कर खसरा खतौनी के साथ स्वयं भी आवेदन कर सकते हैं। फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट मेरठ और लखनऊ जोन के जिलों में प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इससे किसानों की आय के साथ पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।